scorecardresearch

मोहम्मद जुबैर के क्रिकेटर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने को लेकर स्मिता प्रकाश ने किया ट्वीट, लोग ने किए ऐसे कमेंट्स

Smita Prakash Tweet on Mohammad Zubair: मोहम्मद जुबैर पर पाकिस्तान, यूएई, सीरिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से रेजरपे के जरिए भुगतान स्वीकार करने का भी आरोप है।

Mohammad Zubair Bail| Mohammad Zubair News|Supreme court news|
ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (file photo)

ऑल्ट न्यूज (Alt News) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों के विचार दो धड़ों में बंटें हैं। कुछ लोग मोहम्मद जुबैर को निर्दोष बता रिहाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक वर्ग जुबैर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, लोगों को उकसाने का आरोप लगाकर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। इस बीच, समाचार एजेंसी एएनआई की एडिटर स्मिता प्रकाश ने भी मोहम्मद जुबैर को लेकर ट्वीट किया।

उन्होंने लिखा, ‘एक लेख के अनुसार जुबैर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे, कौन सी टीम और कहां? ऑनसाइट मीटिंग (लेख) के लिए फिनलैंड, जापान गए थे, फिर भी उस कार्यस्थल पर उन्हें कोई नहीं जानता था? सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहां से? लेख के अनुसार भाई-बहनों का कोई पता नहीं है, ऑल्ट न्यूज से पहले वह कौन थे? स्मिता प्रकाश के इस ट्वीट पर बहुत से कमेंट्स आए। कुछ लोगों का कहना है कि जुबैर के मामले में दाल में काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। कुछ लोगों ने जुबैर के समर्थन में भी कमेंट्स किए हैं।

मोहम्मद जुबैर पर पाकिस्तान, यूएई, सीरिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से रेजरपे के जरिए भुगतान स्वीकार करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि ऑल्ट न्यूज की मूल कंपनी प्रवदा मीडिया को भी विदेशी फंडिंग में 2 लाख रुपए से ज्यादा प्राप्त हुए।

स्मिता प्रकाश के ट्वीट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

@naradii9 ने लिखा, ‘वह आईएसआई की उपज है। जिस तरह प्रवदा के पास पाकिस्तान से पैसा आ रहा था। सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करे।’ @scottishladki ने लिखा, ‘मेरा छोटा ओटीटी प्लेटफॉर्म दिमाग कहता है… वह एक आईएसआई एजेंट है।’ @AmitLeliSlayer ने लिखा, दाल में कुछ काला नहीं है, पूरी दाल ही काली है।’

@_sherlocked7 ने लिखा, ‘उनके अनुसार, वह 2020 में 25 साल के थे। एक लेख के मुताबिक, वह 2008 में एचसीएल में नौकरी कर रहे थे। इसलिए, वह 2008 में 13 वर्ष के थे, अर्थात उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग तब पूरी की होगी जब वह केवल 11 या 12 वर्ष के थे।’ @HarshaHalasur ने लिखा, ‘सिर्फ पासपोर्ट ऑफिस ही खुलासा कर सकता है… या पैन कार्ड।

कुछ लोगों ने जुबैर के समर्थन में भी ट्वीट किया। @gautamvarun ने लिखा, ‘मैडम हाथ धो के पीछे पड गईं हैं, लगता है काफी नुकसान किया है इसने मैडम का।’ @sumonseng ने लिखा, ‘नरेंद्र मोदी एक चायवाले थे, क्यों आप इसे साबित कर सकती हैं? वह मगरमच्छ के साथ लड़े थे, क्या आप इसे साबित कर सकती हैं? आपने कभी इस पर सवाल नहीं किए?’ @pankaj171002 ने लिखा, उसके खिलाफ इतना गुस्सा क्यों। कुछ लंबी कहानी सेट करने के लिए आधार बनाना।’

पढें खेल (Khel News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X