इंग्लैंड ने ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में भारत का तीसरे टी20 मैच में जो हाल किया वैसा टीम इंडिया के साथ हुआ नहीं था। भारत को टी20 इतिहास की (रनों के लिहाज से) सबसे बड़ी हार इंग्लैंड के हाथों मिली। इंग्लिश टीम ने भारत को 125 रन से हराकर 5 मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अहम बढ़त हासिल कर ली। ऐसा नहीं है कि टीम इंडिया मजबूत नहीं है, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम से इस तरह से प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी।
हमने काफी खराब खेला
भारत को इस तरह से मिली हार के बाद टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह बहुत ही खराब प्रदर्शन था। सच कहूं तो इससे बेहतर शब्द नहीं मिल सकता। इतने बड़े अंतर से हारना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले मुझे लगता है कि हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और पूरी तरह से फिर से योजना बनानी होगी कि हमने क्या गलत किया। विकेट को देखते हुए मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन वाला विकेट था, लेकिन इसके अलावा जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की हमने पावरप्ले में चार (पांच) विकेट गंवा दिए। मुझे लगता है कि उसी से मोमेंटम बना और निश्चित रूप से मुझे लगता है कि हमने वहीं मैच गंवा दिया। इसलिए हमें फिर से योजना बनानी होगी।
श्रेयस अय्यर ने आगे कहा कि ये हमारे लिए मजबूती से वापसी करने का एक शानदार मौका था। अतीत में जो हुआ उस पर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। हमने निश्चित रूप से बहुत खराब क्रिकेट खेला है, लेकिन इससे बहुत कुछ सीखा भी है। खिलाड़ियों को यह सोचना होगा कि वे टीम के लिए कैसे असरदार प्रदर्शन करें या टीम के लिए मोमेंटम कैसे बनाएं। इसलिए हर खिलाड़ी को खुद सोचना होगा और देखना होगा कि वे मैच कैसे जीत सकते हैं और उस तरह की जिम्मेदारी कैसे उठा सकते हैं।
आपको बता दें कि इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया और फिर इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। भारत को जीत के लिए 202 का लक्ष्य मिला था, लेकिन इस टीम ने 11.4 ओवर में 76 रन पर अपने सारे विकेट गंवा दिए और 125 रन से मैच गंवा दिया। भारत की बैटिंग काफी खराब रही और ये टी20 क्रिकेट में भारत का दूसरा सबसे लो स्कोर भी रहा। जोफ्रा आर्चर को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। जोफ्रा ने 3 विकेट लिए जबकि जोश टंग ने 4 सफलता हासिल की।
