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Eng vs Pak 1st Test: सरफराज अहमद के वॉटर बॉय बनने पर शोएब अख्तर भड़के, मिस्बाह उल हक ने कसा तंज, कहा- ऐसा पाकिस्तान में ही संभव

मिस्बाह-उल-हक ने कहा, ‘आप जानते हैं कि यह एक टीम गेम है। मेरा मानना है कि यह कोई बेइज्जती वाला मामला नहीं है। यह तो उनके और हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह एक अच्छी टीम की निशानी है।’

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: August 8, 2020 12:38 AM
Sarfaraz Ahmedसरफराज अहमद की कप्तानी में पाकिस्तान ने भारत को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।

शोएब अख्तर गुरुवार को पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैनेजमेंट पर जमकर बरसे। दरअसल, इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हो रहे पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद प्लेइंग इलेवन में भी नहीं हैं। वह टीम के 12वें खिलाड़ी हैं। पाकिस्तान की पहली पारी के दौरान वह मैदान पर ड्रिंक्स और बल्लेबाज के लिए जूते ले जाते हुए दिखे। अख्तर को यह बात नागवार गुजरी। वह भड़क गए।

उन्होंने टीम के पूर्व कप्तान से ऐसा करवाने पर टीम प्रबंधन की कड़ी आलोचना की है। हालांकि, टीम के हेड कोच मिस्बाह-उल-हक ने उन पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। दिन का खेल खत्म होने के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में मिस्बाह-उल-हक से सवाल किया गया। पत्रकार ने उनसे कहा था कि सरफराज से इस पर मिस्बाह ने कहा कि ऐसा पाकिस्तान में ही हो सकता है।

शोएब अख्तर के हवाले से पाकिस्तान क्रिकेट ने लिखा, ‘मुझे यह तस्वीर देखकर जरा भी अच्छा नहीं लगा। अगर आप कराची के लड़के को आदर्श बनाना चाहते हैं तो यह गलत है। आप एक पूर्व कप्तान, जिसने चार साल तक टीम की कप्तानी की है। पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी दिलाई है। आप उसके साथ ऐसा नहीं कर सकते। आपने उन्हें जूते पकड़ने वाला बना दिया है। सरफराज ने जूते उठा भी लिए थे तो उन्हें रोकना चाहिए था। यह बहुत निराशाजनक है। मैंने तो कभी वसीम अकरम से जूते नहीं उठवाए।’

वहीं, पत्रकार के सवाल पूछने पर मिस्बाह उल हक ने कहा, ‘नंबर वन जो यह जो बात है, यह पाकिस्तान में ही हो सकती है। मुझे अपना याद है कि मैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कप्तान था, मैं बाहर बैठा था और मैं 12वें खिलाड़ी के तौर पर ड्रिंक्स लेकर मैदान पर गया था। मेरे ख्याल में इसमें न कोई शर्म होनी चाहिए। सरफराज बहुत जबरदस्त इंसान भी है, प्लेयर भी है।’

मिस्बाह ने कहा, ‘आप जानते हैं कि यह एक टीम गेम है। जब आपके 3-4 लड़के बाहर हैं और आपके एक्स्ट्रा प्लेयर्स ने बारी-बारी जाकर प्रैक्टिस करनी है स्लॉट में, तो जो बंदा उपलब्ध होगा, उसको मदद करनी है प्लेयर्स की। तो मेरा मानना है कि यह कोई बेइज्जती वाला मामला नहीं है। यह तो उनके और हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह एक अच्छी टीम की निशानी है।’

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