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सचिन तेंदुलकर का मैच देख शेफाली वर्मा ने थामा था क्रिकेट बैट, बचपन में बड़े शॉट लगाने के लिए ‘लेडी सहवाग’ को मिलते थे 10 रुपए

Indian Women Cricketer Shefali Verma Childhood Cricket Story: शेफाली वर्मा ने 15 साल की उम्र में ही भारत के लिए डेब्यू कर लिया था। उन्हें बचपन में लंबे शॉट खेलने के लिए 10 रुपए मिला करते थे।

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शेफाली वर्मा ने 15 साल, 285 दिन की उम्र में अपना पहला इंटरनेशल अर्धशतक लगा सचिन तेंदुलकर के 30 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा था (सोर्स- ट्विटर)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की धाकड़ ओपनर शेफाली वर्मा ने छोटी उम्र में ही लेडी सहवाग जैसी उपलब्धि हासिल कर ली है। उनका क्रिकेट का सफर काफी रोचक रहा है। 28 जनवरी 2004 को हरियाणा के रोहतक में जन्मी शेफाली 18 साल की उम्र में ही सिर्फ भारतीय क्रिकेट नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट (बिग बैश लीग) में भी धूम मचा चुकी हैं।

शेफाली वर्मा ने महज 15 वर्ष की उम्र में ही अपना इंटरनेशनल डेब्यू भारत के लिए 2019 में किया था। अपनी आतिशी बल्लेबाजी से उन्होंने इस कदर सभी का दिल जीता कि उन्हें लेडी सहवाग की उपाधि दे दी गई। वह लंबे-लंबे शॉट्स लगाने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ 49 गेंदों में 73 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।

कैसे मिली क्रिकेटर बनने की प्रेरणा?

आपको बता दें कि शेफाली वर्मा ने 9 साल की उम्र में ही नवंबर 2013 में अपने पिता के साथ रोहतक के स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर का आखिरी रणजी ट्रॉफी मैच देखा था। शेफाली के मुताबिक सचिन को मुम्बई को जीत दिलाते देख वह इस कदर प्रेरित हुईं कि उन्होंने क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए बल्ला हाथ में थाम लिया। सचिन से प्रेरणा लेने वाली शेफाली ने एक दिन उनका ही 30 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

शेफाली ने 15 साल, 285 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक जमाया था। जबकि सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक 16 साल, 214 दिन की उम्र में जमाया था। वह डेब्यू मैच में दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल टेस्ट में 159 रन (पहली पारी- 96 रन और दूसरी पारी- 63 रन) बनाए थे।

बचपन में लंबे शॉट के लिए मिलते थे 10 रुपए

शेफाली वर्मा के पिता संजीव वर्मा का अपनी बेटी को विस्फोटक क्रिकेटर बनाने में अहम योगदान रहा है। बताया जाता है कि बचपन में जब वह शेफाली को ट्रेनिंग देते थे तो वह उनको बड़ा शॉट मारने पर पुरस्कार दिया करते थे। बचपन से ही शेफाली को लंबे शॉट की ट्रेनिंग देने वाले उनके पिता बड़े बड़े शॉट मारने पर उन्‍हें और उनके भाई को 10 से 15 रुपए पुरस्‍कार में देते थे।

शेफाली वर्मा ने अभी तक भारतीय महिला टीम के लिए दो टेस्ट, 6 वनडे और 28 टी20 मुकाबले खेले हैं। टी20 में उनका स्ट्राइक रेट 142.53 का है। वहीं उनके नाम 242 टेस्ट, 164 वनडे और 687 टी20 रन दर्ज हैं। टी20 क्रिकेट में अभी तक 33 छक्के भी शेफाली के बल्ले से निकल चुके हैं। वहीं उनके नाम टेस्ट और टी20 में 3-3 और वनडे में 1 अर्धशतक दर्ज है।

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