भारतीय ऑलराउंडर और मुंबई की टीम के कप्तान शार्दुल ठाकुर का एक बड़ा बयान बुधवार (1 जुलाई 2026) को सामने आया है। शार्दुल ने पिछले साल इंग्लैंड में हुए दौरे का जिक्र किया और बताया कि उनका सही से उस दौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया था। उस दौरे पर नवनियुक्त कप्तान शुभमन गिल कमान संभाल रहे थे। शार्दुल के बयान के बाद एक बार फिर से कोच गौतम गंभीर की रणनीतियां चर्चा में आ गई हैं। भारतीय ऑलराउंडर के आरोपों का सीधा निशाना कप्तान और कोच पर ही है।
शार्दुल ठाकुर ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के एक इवेंट में कहा,”2024-25 जैसे सीजन (जब शार्दुल ने 9 मैचों में 35 विकेट झटके थे) के बाद मुझे लगता था कि मुझे कई मैच और खेलने चाहिए थे जिससे अंतर पैदा हो सकता था। जब मैं इंग्लैंड में था तो मेरी बॉलिंग का सही से इस्तेमाल नहीं हुआ। बल्लेबाजी में हां मेरी गलती थी, मैंने कई गलत शॉट खेले थे लीड्स में, लेकिन मैनचेस्टर में मैंने अच्छी बैटिंग की थी (पहली पारी में 41 रन बनाए थे)।”
उन्होंने आगे कहा, “ओवरकास्ट कंडीशन थीं वहां, बॉल स्विंग हो रही थी और बाउंस भी समझ नहीं आ रहा था। मैंने उस स्पेल में जैसे-तैसे विकेट बचाया था। फिर बाद में पिच फ्लैट हो गई थी और हम मैच बचा पाए थे। अगर मैं वह पारी नहीं खेल पाता तो नतीजा कुछ और भी हो सकता था। मैं जरूर कहूंगा कि मुझे कम बॉलिंग करवाई गई और जब करवाई गई गलत समय पर करवाई गई। मेरे मुताबिक कुछ कैलकुलेशन की गलतियां हुई थीं।”
कप्तान और कोच से इस बारे में बात करने पर शार्दुल ने बताया,”नहीं मेरा मतलब है कि ऐसी बातों के लिए आप कप्तान या कोच से बात नहीं करते हैं, क्योंकि आपका पूरा ध्यान सिर्फ मैच पर होता है। जब आपको जो कुछ करने को बोला जाता है, तो आप सिर्फ यही सोचते हैं कि ठीक है, अब मेरा मौका है, मुझे टीम के लिए डिलीवर करना होगा। ऐसा करते समय कभी-कभी आप कार्य में सफल होते हैं तो कभी सफलतापूर्वक कार्य नहीं कर पाते हैं।”
ठाकुर ने यह भी बताया,”तो आप देखेंगे अगर कि लीड्स में मैंने बैक टू बैक दो विकेट झटके थे और भारत को मैच में वापस भी लाया था। लेकिन उसके बाद फिर मुझे गेंदबाजी से रोका गया। तो मेरे कहने का मतलब है कि उस मौके पर मैं लंबा स्पेल डाल सकत था और मुझे कुछ और विकेट भी मिल सकते थे। मेरे बयान से मैच में जो हुआ वह नहीं बदल जाएगा, लेकिन हां आप ऐसी बातें कप्तान या किसी से टीम में नहीं कर पाते हैं। आपसे जो कहा जाता है आपको वही करना होता है।”
अंत में शार्दुल ने कहा,”ऐसा नहीं है कि जब मैं भारत के लिए आखिरी बार खेला था तो मैंने कोई योगदान नहीं दिया है। हां लेकिन मुझे लगता है कि मैं कई और मौके डिजर्व करता था। लेकिन ठीक है, जैसा कि मैंने कहा कि उम्मीद अभी बाकी है। आगे निकट भविष्य में अगर मुझे फिर भारत के लिए खेलने को कहा जाएगा तो मैं तैयार रहूंगा।”
शार्दुल ठाकुर ने इंग्लैंड में दो टेस्ट मैचों में सिर्फ 27 ओवर
आपको बता दें कि शार्दुल ठाकुर ने पिछले साल (2025 में) इंग्लैंड दौरे पर पहले टेस्ट (लीड्स में) पहली पारी में सिर्फ 6 ओवर डाले थे। उस दौरान उन्होंने 38 रन दिए थे और एक भी विकेट नहीं मिला था। जबकि भारतीय गेंदबाजी में इस पारी में 100.4 ओवर फेंके गए थे। फिर दूसरी पारी में भी उन्होंने पारी के कुल 82 ओवर में से सिर्फ 10 ओवर डाले और 51 रन देकर दो विकेट भी लिए। भारत को इस मुकाबले में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद वह अगले दो मैचों से बाहर हो गए और चौथे टेस्ट में मैनचेस्टर में वापस आए और पहली पारी में 11 ओवर सिर्फ डाले और 55 रन देकर एक भी विकेट नहीं ले पाए। यह मुकाबला ड्रा हुआ था। पूरी सीरीज में सिर्फ तीन पारियों में शार्दुल ने गेंदबाजी की थी और पूरे दौरे पर सबसे कम गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके नाम 13 टेस्ट मैचों में 33 विकेट दर्ज हैं। दो टेस्ट मैचों में उन्होंने सिर्फ 27 ओवर गेंदबाजी की और 144 रन दिए।
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