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एक बार लगा था कि मैच हमारे हाथ से फिसल गया- शार्दुल ठाकुर ने बयां की गाबा फतह की कहानी

शार्दुल ठाकुर ने बताया, ‘ब्रिसबेन में हम जीतने के माइंडसेट के हिसाब से ही खेलने उतरे थे। जैसे जैसे मैच आगे बढ़ता गया तो यह पक्का होता गया कि हम मैच जीत जाएंगे। मेरा मानना है कि एक बार को छोड़ दें तो कभी भी हमें अपनी जीत पर से भरोसा उठा नहीं था।’

Shardul Thakur Interview Gabba Testशार्दुल ठाकुर ने ब्रिसबेन में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच की पहली पारी में 67 रन बनाए थे। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 7 विकेट भी लिए थे। (सोर्स- एपी)

स्वदेश लौटने पर शार्दुल ठाकुर ने गाबा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ‘जंग’ की कहानी सुनाई। इस आलराउंडर के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया की ताकत यानी उनके पेस अटैक को ही अपना हथियार बना लिया। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में शार्दुल ने बताया कि ब्रिसबेन के गाबा स्टेडियम में मैच के दौरान सिर्फ एक बार को छोड़कर कभी भी उन्हें या टीम को नहीं लगा कि मैच उनके हाथ से निकल रहा है।

शार्दुल ठाकुर ने बताया, ‘ब्रिसबेन में हम जीतने के माइंडसेट के हिसाब से ही खेलने उतरे थे। जैसे जैसे मैच आगे बढ़ता गया तो यह पक्का होता गया कि हम मैच जीत जाएंगे। मेरा मानना है कि एक बार को छोड़ दें तो कभी भी हमें अपनी जीत पर से भरोसा उठा नहीं था। पहली पारी में जब हमारे 180 रन पर 6 विकेट गिर गए थे, तब हमें थोड़ा संदेह हुआ था कि कहीं कुछ गड़बड़ नहीं हो जाए। लेकिन इसके बाद जब मैं और वाशिंगटन सुंदर ने स्कोर को 300 के पार पहुंचा दिया तब हम समझ गए थे कि हमारी फिर से वापसी हो गई है।’

शार्दुल ने बताया, ‘हम दोनों (मैं और सुंदर) ने स्कोरबोर्ड देखा और सोचा कि अब लीड ज्यादा नहीं रह गई है। अगर हम दूसरी पारी में उन्हें (ऑस्ट्रेलिया) जल्दी आउट कर देते हैं तो हम यह मैच जीत सकते हैं। पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरने के दौरान दिमाग में क्या चल रहा था, के सवाल पर शार्दुल ने बताया, ‘हमारे बैटिंग कोच विक्रम राठौर पास आए और कहा कि गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेलना। कोई भी मूर्खतापूर्ण शॉट नहीं खेलना।’

शार्दुल ने बताया, ‘ऑस्ट्रेलिया ने पूरी सीरीज के दौरान अपने किसी भी गेंदबाज को आराम नहीं दिया था। वे अपने एक ही गेंदबाजी अटैक के साथ पूरी सीरीज में उतरे थे। हम समझ सकते थे कि वे थक गए होंगे। मैंने सुंदर से कहा कि उनके (ऑस्ट्रेलिया) गेंदबाज थक गए हैं। हमें मालूम था कि वे जितना अधिक थकेंगे हमारे लिए उतना ही आसान होगा और यही हुआ। उनके गेंदबाज थक गए। हमें बस दिमागी रूप से तैयार होना था और अपना स्वाभाविक खेल खेलना था।’

बता दें कि भारत के खिलाफ सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी बहुत ज्यादा अच्छी नहीं रही थी। उन्होंने गेंदबाजों के दम पर ही एडिलेड में हुआ पिंक बॉल टेस्ट जीता था।

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