संजू सैमसन आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए पहली बार खेलते हुए नजर आएंगे, लेकिन इससे पहले वो राजस्थान रॉयल्स से क्यों अलग हुए उसके बारे में बड़ा खुलासा हुआ जो उनके पिता सैमसन विश्वनाथ ने किया। संजू के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने यशस्वी जायसवाल और रियान पराग की वजह से ये कदम उठाया।

राजस्थान ने मेरे बेटे को सबकुछ दिया

विश्वनाथ ने न्यूज 18 केरल पर बात करते हुए कहा कि राजस्थान रॉयल्स ने मेरे बेटे को सबकुछ दिया। हालांकि संजू की कप्तानी में राजस्थान टाइटल नहीं जीत पाई, लेकिन मेरे बेटे के सिर पर एक ताज था। मैं आमतौर पर आईपीएल में राजस्थान के एक या दो मैच देखने जाता हूं और मैं दूर से देखता था कि संजू को वहीं कितना सम्मान मिलता था। राजस्थान फ्रेंचाइजी ने संजू के साथ एक राजा के जैसा बर्ताव किया।

यशस्वी-रियान के मन में कप्तानी की थी चाहत

विश्वनाथ ने आगे कहा कि वो कई साल से राजस्थान के लिए खेल रहा था। यशस्वी जायसवाल और रियान पराग इसी टीम में उनके साथ बड़े हुए। संजू पिछले 4-5 साल से इस टीम की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन हमें लगा कि यशस्वी और रियान के मन में कप्तानी की चाहत जागने लगी है। संजू और मुझे लगा कि वहां उनकी लगातार मौजूदगी उन दोनों के लिए एक रुकावट बन रही थी। हमने मिलकर इस पर चर्चा की।

सीएसके की संजू में नहींं थी दिलचस्पी

विश्वनाथ ने बताया कि संजू ने मुझसे कहा कि डैड, हमें इसे खत्म कर देना चाहिए। अगर वह ऐसी कोई बात कहता है तो मैं उससे कभी यह नहीं पूछता कि तुम ऐसा क्यों कर रहे हो क्योंकि मुझे पता है कि उसकी बात के पीछे कोई न कोई ठोस वजह जरूर होती है। इसलिए मैंने उससे आगे कोई सवाल नहीं पूछा। इस दौरान विश्वनाथ ने कहा कि शुरुआत में सीएसके की संजू में कोई दिलचस्पी नहीं थी और मुंबई व केकेआर जैसी टीमों ने उसमें दिलचस्पी दिखाई थी। हालांकि जब सीएसके टीम सामने आई तो संजू ने साफ किया कि वो एमएस धोनी के साथ खेलना चाहता है और सीएसके के साथ जुड़ना चाहता है।

ये खबरें भी पढ़ें- संजू सैमसन नहीं ये भारतीय खिलाड़ी था प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का सबसे बड़ा दावेदार, एबी डिविलियर्स ने बताया नाम

संजू 24 छक्के लगा बने नंबर 1, इशान निकले राहुल से आगे; T20I में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले टॉप 5 भारतीय विकेटकीपर