ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन से संजू सैमसन को बाहर किए जाने पर टीम चयन को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है। सैमस, जिन्हें इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने वाले अभियान के दौरान प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर लगातार तीन मैचों में दहाई का आंकड़ा न छू पाने के कारण मैनचेस्टर में टीम से बाहर कर दिया गया।
संजू के प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के बाद वैभव को लिए डेब्यू का रास्ता खुला और उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया। वैभव इसके बाद भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले सबसे युवा क्रिकेटर भी बने। वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने के फैसले का सबसे स्वागत किया, लेकिन अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को पूरी तरह से नजरअंदाज करने के फैसले ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर को हैरान कर दिया।
नंबर 3 पर आसानी से खेल सकते थे सैमसन
सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए संजय मांजरेकर ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्हें पहले लगा कि शायद किसी इंजरी की वजह से यह आक्रामक बल्लेबाज अचानक टीम से बाहर कर दिया गया। मांजरेकर ने एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में लिखा कि वैभव को इंडिया की जर्सी में देखकर अच्छा लगा, लेकिन सैमसन का क्या, उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। मजाक कर रहे हो क्या, नहीं मुझे लगता है कि वह चोटिल है। उम्मीद है कि चोट ही वजह हो। वरना यह बहुत अजीब सिलेक्शन है। अगर आप वैभव को टीम में लाना ही चाहते थे तो सैमसन आसानी से नंबर 3 पर बैटिंग कर सकते थे।
मंजरेकर की हैरानी उन क्रिकेट एक्सपर्ट्स की आम राय को दिखाती थी जिनका मानना था कि सैमसन को और मौके मिलने चाहिए थे, खासकर वर्ल्ड कप में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए। आलोचकों का कहना था कि अच्छी फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को हटाने के बजाय टीम मैनेजमेंट आसानी से वैभव को ओपनिंग के लिए भेज सकता था और सैमसन को तीसरे नंबर पर खिलाया सकता था ताकि मिडिल ऑर्डर में अनुभव बना रहे। वैसे दूसरे मैच में 4 विकेट से मिली हार के बाद भारतीय टीम के रणनीतिक चयन पर और भी सवाल खड़े कर दिए।
साई सुदर्शन नंबर 1, शीर्ष 10 में 5 भारतीय; इंडिया ए-श्रीलंका ए टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-10 बैटर
श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए के ओपनर बैटर ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए और 2 मैचों में 2 शतक भी जड़े। साई का बेस्ट स्कोर इस टेस्ट सीरीज में 168 रन रहा। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
