जब सचिन ने विराट कोहली और यूसुफ पठान से कहा था- गिरा मत देना; तेंदुलकर ने 10 साल बाद किया खुलासा

सचिन के नाम वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1992 से 2011 तक 45 मैच की 44 पारियों में 56.95 की औसत से 2278 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 15 अर्धशतक जड़े हैं। सचिन का स्ट्राइक रेट 88.98 रहा।

Sachin Tendulkar, Virat Kohli, Yusuf Patha
वर्ल्ड कप जीतने के बाद कोहली और यूसुफ सहित भारतीय खिलाड़ियों ने सचिन के कंधे पर घुमाया था। (फाइल)

दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में एक सचिन तेंदुलकर ने अपने छठे वर्ल्ड कप में सफलता हासिल की थी। भारत 2011 में श्रीलंका को फाइनल मुकाबले में हराकर दूसरी बार चैंपियन बना था। जीत के बाद विराट कोहली और यूसुफ पठान सहित कई खिलाड़ियों ने सचिन को कंधे पर उठाकर मैदान का चक्कर लगाया था। उस वाकये को याद कर सचिन ने 10 साल बाद कहा कि उन्होंने कंधे पर उठाने के दौरान कोहली और पठान से कहा था कि गिरा मत देना।

लीजेंड्स विद अनअकैडमी के यूट्यूब शो में सचिन ने कहा, ‘‘विश्व कप जीतने के बाद विराट और यूसुफ ने मुझे कंधों पर बैठा लिया था। मुझे आज भी याद है कि तब मैंने दोनों से ये कहा था कि मुझे गिरा मत देना। ये विश्व कप सिर्फ हमने नहीं जीता था, बल्कि ये पूरे देश की जीत थी। सबने मिलकर इस सपने को साकार किया था।’’ सचिन के नाम वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1992 से 2011 तक 45 मैच की 44 पारियों में 56.95 की औसत से 2278 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 15 अर्धशतक जड़े हैं। सचिन का स्ट्राइक रेट 88.98 रहा।

सचिन ने शो में कहा, ‘‘जब मैंने कपिल देव को 1983 में विश्व कप उठाते हुए देखा, तो यह एक अविश्वसनीय अनुभव था। मैंने अपने दोस्तों के साथ इसका आनंद लिया और मैं अपने सपने का पीछा करना चाहता था। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जो हुआ वो अविश्वसनीय था। ये मेरे करियर का अच्छा दिन था। कितनी बार ऐसा होता है, जब देश एकसाथ जश्न मनाता है। बहुत कम ऐसी चीजें होती हैं, जिस पर पूरा देश जश्न मनाता है। विश्व कप जीत भी इसी में से एक थी।’’

सचिन ने 2011 वर्ल्ड कप में 9 मैच की 9 पारियों में 53.55 की औसत से 482 रन बनाए थे। उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक जड़े थे। सचिन टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में दूसरे स्थान पर थे। उनसे आगे श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान थे। दिलशान ने 500 रन बनाए थे। भारत ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 6 विकेट से हरा दिया था। लंकाई टीम ने 274 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने 10 गेंद शेष रहते ही 277 रन बना लिए थे। गौतम गंभीर ने 97 और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 91 रनों की पारी खेली थी। धोनी ने विजयी छक्का लगाया था। इसके बाद तेंदुलकर सहित कई खिलाड़ी खुशी से रोने लगे थे।

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