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IAF Strike: सचिन तेंदुलकर ने कहा- हमारी अच्छाई को हमारी कमजोरी मत समझना

Indian Air Force Aerial Strike: भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जबर्दस्त हमला किया। इस हमले के बाद हर कोई भारतीय वायुसेना की तारीफ कर रहा है। ऐसे में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर कैसे पीछे रह सकते हैं। सचिन ने ट्वीट कर वायुसेना सेना को सलाम किया है और कहा 'हमारी अच्छाई हमारी कमजोरी नहीं है।'

सचिन ने भारतीय वायुसेना के जवानों को किया सलाम (picture credit twitter account siddharth rai)

 Indian Air Force Aerial Strike: पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को पाकिस्तान के ऊपर जबर्दस्त हमला किया है। भारतीय वायुसेना के एक सूत्र के मुताबिक मिराज 2000 लड़ाकू विमानों के एक समूह ने पाकिस्‍तान में घुसकर बड़े आतंकी कैंप को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इसमें जैश-ए-मोहम्‍मद का कंट्रोल रूम भी ध्वस्‍त हो गया है। इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए।  इस हमले के बाद हर कोई भारतीय वायुसेना की तारीफ कर रहा है। ऐसे में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर कैसे पीछे रह सकते हैं। सचिन ने ट्वीट कर वायुसेना सेना को सलाम किया है और कहा ‘हमारी अच्छाई हमारी कमजोरी नहीं है।’

जी हां मास्टर ब्लास्टर ने ट्वीट कर लिखा ” हमारी अच्छाई को कभी हमारी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। मैं भारतीय वायुसेना को सलाम करता हूं। जय हिन्द।” सचिन के इस ट्वीट को लगभग 6 हज़ार लोग रीट्वीट कर चुके हैं वहीं 34 हज़ार लोगो ने इसे लाइक किया है। सचिन के अलावा युजवेंद्र चहल, सुरेश रैना, अजिंक्य रहाणे, वीरेन्द्र सहवाग और कई अन्य खिलाड़ियों ने ट्वीट कर वायुसेना को बधाई दी है। बता दें भारत सेना ने दवा किया था कि भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई में 200-300 आतंकियों को मार गिराया है। वहीं पाकिस्तान की सेना ने आरोप लगाया कि भारतीय वायुसेना ने मुजफराबाद सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) का उल्लंघन किया है।

 

सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को मंगलवार को तड़के चलाए गए अभियान के बारे में बताया। विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि आसन्न खतरे को देखते हुए, एकतरफा कार्रवाई ‘‘अत्यंत आवश्यक’’ थी। उन्होंने कहा कि इस जानकारी के बाद सीमा के दूसरी ओर जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर हमले किए गए। यह आतंकी शिविर बालाकोट में घने जंगल में, एक पहाड़ी पर, नागरिक बहुल इलाकों से दूर था और इसकी अगुवाई मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था जो जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का रिश्तेदार था। गौरतलब है कि 12 दिन पहले जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए आत्मघाती हमले में बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी।

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