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एक जमाने में सचिन तेंदुलकर के बेहद करीब थे ये चार दोस्त, आज बात भी नहीं करना…

क्रिकेट के भगवान दोस्ती करते, तो दिल लगा कर और जिसे नहीं जानते, उससे बात भी न करते। इस बात का सुबूत हैं...

टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर एक बेमिसाल खिलाड़ी थे। यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट का भगवान माना जाता है। जैसे उनका खेल था, वैसे ही उनका व्यवहार। बिल्कुल सधा हुआ। दोस्ती करते, तो दिल लगा कर और जिसे नहीं जानते, उससे बात भी न करते। इस बात का सुबूत हैं, उनके वे दोस्त जो एक दौर में उनके बेहद करीब माने जाते थे। लेकिन आज हालात बदले हुए नजर आते हैं। सचिन उनसे बात तो दूर, उनके फोन भी नहीं उठाते। जानिए कौन हैं वे लोग।

विनोद कांबलीः आज सचिन और विनोद कांबली के संबंध भले न अच्छे हों, लेकिन एक दौर में वह बेहद करीब माने जाते थे। दोनों ने एक साथ क्रिकेट की शुरुआत की थी। उन्हें साथ रिकॉर्ड बनाना पसंद था। लेकिन बाद में संबंध बिगड़े। सच का सामना नाम के रिएलिटी शो में सात साल पहले विनोद ने कहा था कि सचिन ने उनके लिए कभी उतना नहीं किया, जितना वह कर सकते थे। खुद को बर्बाद कर देने वाले रवैये से सचिन बचा सकते थे। जवाब में उन्होंने हां कहा था। बोले थे कि अगर उन्हें उसे वक्त कोई प्रेरणा देने वाला होता, तो करियर और लंबा जाता। वहीं, एक इंटरव्यू में कांबली के बारे में पूछे जाने पर सचिन ने उनके बारे में जवाब देने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं उसके टैलेंट के बारे में बात नहीं करना चाहता।

मो. अजहरुद्दीनः टीम इंडिया के पास एक जमाने में शानदार कप्तान था। नाम था मो. अजहरुद्दीन। हमेशा कॉलर ऊंचा रखता था। सचिन से जमकर बनती भी थी। लेकिन बाद में फिक्सिंग का आरोप लगा, तब सचिन उनसे नाराज हुए। उन्होंने उसने किनारा कर लिया। हालांकि, वह फिक्सिंग के आरोप से बरी हुए। लेकिन दोनों के रिश्ते नहीं सुधरे। सचिन से जुड़ा एक सवाल पूछे जाने पर मो. अजहरुद्दीन ने भी उनके बारे में कह दिया था कि वह सचिन के बारे में बात नहीं करना चाहते।

अजय जडेजाः जडेजा पर भी फिक्सिंग के आरोप लगे थे। उस दौरान सचिन ने उनसे दूरी बना ली थी। वह नहीं चाहते थे कि दागी खिलाड़ियों के साथ उनका नाम जुड़े। हालांकि, बाद में जडेजा भी आरोपों से बरी हुए, लेकिन उनकी दोस्ती वापस उस रूप में नहीं आ सकी। इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए सचिन ने कहा था कि उन्हें इस विवाद ने काफी हैरान किया है, लकिन वह इतना जरूर कह सकते हैं कि यह वक्त जल्द ही गुजर जाएगा।

ग्रेग चैपलः चैपल साल 2005 से लेकर 2007 तक टीम इंडिया के कोच रहे। सचिन की इस दौरान उनसे दोस्ती हुई। सचिन ने उन पर आरोप लगाया था कि चैपल वेस्ट इंडीज में साल 2007 में होने वाले वर्ल्ड कप से कुछ महीने पहले ही राहुल द्वविड़ को कप्तानी से हटाना चाहते थे। वह चाहते थे कि मैं कप्तान बनूं। सचिन की पत्नी भी यह बात सुनकर हैरान रह गई थीं। तब तेंदुलकर ने उन्हें रिंग मास्टर बताया था और चैपल के बारे में कहा था कि वह अपने विचार खिलाड़ियों पर थोपते हैं।

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