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सचिन तेंदुलकर ने किया खुलासा- दिमाग में पहली बार कब आया था संन्यास लेने का विचार

लिंक्डइन को दिए इंटरव्यू में सचिन तेंदुलकर ने खुलासा किया है कि पहली बार उनके दिमाग में सन्यास लेने का विचार कब आया था।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर।(Photo-Instagram)

क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अब लिंक्डइन की पिच पर नई शुरुआत की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इस बल्लेबाज ने हाल ही में विश्व की सर्वश्रेष्ठ व्यावसायिक नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन जॉइन कर ली है। सचिन ने नई पीढ़ी को काफी सहारा दिया है और साथ ही वह युवाओं को भी काफी बढ़ावा दे रहे हैं। इसी के लिए उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया है कि पहली बार उनके दिमाग में सन्यास लेने का विचार कब आया था। महान क्रिकेटर सचिन ने बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का पहला विचार उनके दिमाग में अक्टूबर 2013 में चैम्पियंस लीग टी20 मैच के दौरान आया था जो उनके अलविदा कहने के फैसले से एक महीने पहले ही था।

तेंदुलकर हाल में पेशेवर नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ से ‘इंफ्लुएंसर’ के तौर पर जुड़े और उन्होंने ‘माई सेंकेड इनिंग्स’ शीर्षक के लेख में आज उन्होंने लिखा, ‘‘अक्टूबर 2013 के दौरान दिल्ली में चैम्पियंस लीग मैच के दौरान ऐसा हुआ था।  उन्होंने खेल के बाद अपनी जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा, ‘‘मेरी सुबह जिम वर्कआउट के साथ शुरू होती है जो मैं पिछले 24 साल से कर रहा हूं। लेकिन उस दिन अक्तूबर की सुबह कुछ बदल गया। मैंने महसूस किया कि मुझे खुद को उठाने के लिये जोर लगाना पड़ा। मैं जानता था कि जिम ट्रेनिंग मेरे क्रिकेट का अहम हिस्सा है जो पिछले 24 साल से मेरी जिंदगी का हिस्सा रही है। फिर भी यह अनिच्छा थी। क्यों? तेंदुलकर ने लिखा, ‘क्या ये संकेत थे…संकेत थे कि मुझे रूक जाना चाहिए? संकेत था कि जो खेल मेरे लिये इतना अहम रहा है, वह मेरी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा नहीं होगा?

लिंक्डइन को दिए इंटरव्यू में सचिन ने कहा कि बेखौफ होना सबसे ज्यादा जरूरी है और नाकामयाबियों की चिंता न कीजिए। कई बार नाकामयाबियां आपको कुछ नया करने से रोकती हैं और इसका पता आपको तब चलता है , जब आप कुछ नया करते हैं। इसलिए अपने सपनों को सच कीजिए। कामयाबी पाने की तैयारियों पर सचिन कहते हैं कि जल्दी तैयारियां शुरू कीजिए। जो भी आप कर रहे हैं, उसके लिए दिमागी तौर पर तैयार रहिए। खेल में वापस आने के बारे में उन्होंने कहा, मुझे याद है जब मेरी टेनिस एल्बो की सर्जरी हुई थी। साढ़े तीन महीने के बाद मैं प्रैक्टिस पर गया था और मुझे कहा गया कि पूरी तरह से ठीक होने में साढ़े चार महीने का वक्त और लगेगा। मुझे लगा कि मेरा करियर खत्म हो गया। उस वक्त आपको आपके आसपास कई मजबूत लोगों की टीम दिखाई देती है, जिसमें डॉक्टर्स, टेनर्स, आपके फैमिली मेंबर्स और करीबी दोस्त शामिल होते हैं।

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