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रॉकेटबॉल के कारण रोहित शर्मा नहीं कर सके थे टेस्ट डेब्यू, ऋद्धिमान साहा को मिला था मौका; हिटमैन ने इंटरव्यू में सुनाई थी रोचक कहानी

रोहित शर्मा ने 2007 में वनडे और टी20 फॉर्मेट में डेब्यू किया था। उन्हें टेस्ट डेब्यू करने में इसके बाद 6 साल लग गए। रोहित ने पहला टेस्ट 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में किया था। ऋद्धिमान ने 2010 में नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू किया था।

Author Edited By rohit नई दिल्ली | January 16, 2021 10:48 AM
Rohit Sharma, test cricket, Rohit Sharma storyरोहित शर्मा की पहली टेस्ट सीरीज सचिन तेंदुलकर की आखिरी टेस्ट सीरीज थी। (सोर्स – youtube/Oaktree Sports)

भारतीय क्रिकेट टीम के हिटमैन रोहित शर्मा ने 2007 में वनडे और टी20 फॉर्मेट में डेब्यू किया था। उन्हें टेस्ट डेब्यू करने में इसके बाद 6 साल लग गए। रोहित ने पहला टेस्ट 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में किया था। हिटमैन ने एक इंटरव्यू में बताया कि रॉकेटबॉल के कारण उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने में 3 साल की देरी हुई। उनकी एक गलती के कारण यह मौका हाथ से निकल गया था। इसका फायदा ऋद्धिमान साहा को मिला था।

स्पोर्ट्स एंकर गौरव कपूर ने यूट्यूब चैनल ‘ऑकट्री स्पोर्ट्स’ के लिए रोहित का इंटरव्यू लिया था। इसमें उन्होंने हिटमैन से पूछा, ‘‘क्रिकेटर्स के फुटबॉल खेलने का क्या शौक है? इसने आपके डेब्यू को भी खतरे में डाल दिया था।’’ इस पर रोहित ने जवाब देते हुए कहा, ‘‘वास्तव में वह फुटबॉल नहीं था। वह रॉकेटबॉल था। इससे सिर्फ पासिंग का गेम होता था। रग्बी के पीछे रॉकेट लगा होता था। उस दिन वॉर्मअप खत्म हो चुका था। हमारे ट्रेनर पैडी अपटन ने गेंद को ऊपर फेंका। मुझे पता नहीं क्या हुआ और कैच पकड़ने चला गया।’’

रोहित ने आगे सुनाया, ‘‘कैच पकड़ने के दौरान ऋद्धिमान साहा भी साथ में आ गए। मेरा बायां पैर उनके पैर पर पड़ गया। वह वहीं पर घुम गया। मैं चोटिल हो गया। मेरी जगह उन्होंने ही डेब्यू किया। मैं इतना जज्बाती थी कि हर हाल में खेलना चाहता था। मैंने सोचा कि इतना है तो खेल सकता हूं। एक पैर से ही खेल लूंगा। कोई डेब्यू मिस नहीं करना चाहता। हमारे फिजियो ने बताया कि अभी कम सूजा हुआ है। यह शाम तक ज्यादा सूज जाएगा।’’

रोहित ने कहा, ‘‘यह काफी खराब था। मैं चल भी नहीं सकता था। मुझे याद है कि बर्फ से भरे बाल्टी में मुझे पैर रखना होता था। हर रोज दो घंटे ऐसा करना पड़ता था। सूजन को खत्म करने के लिए ऐसा जरूरी था। बहुत दर्द होता था। इसके बाद टीवी पर टेस्ट मैच देखना खराब लगा। मैंने सोचा कि ये क्या कर दिया। इसके बाद मुझे डेब्यू करने में तीन साल लग गए।’’ ऋद्धिमान ने 2010 में नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू किया था।

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