‘मेरे से बड़ा भुलक्कड़ ये है,’ जब इंटरव्यू में रोहित शर्मा और शिखर धवन खोलने लगे थे एक दूसरे की ‘पोल’

वनडे इंटरनेशनल में भारत के लिए 100 से ज्यादा मैचों में ओपनिंग पार्टनरशिप कर चुके रोहित शर्मा और शिखर धवन में मैदान के अंदर और बाहर काफी अच्छी बॉन्डिंग हैं। हालांकि, दोनों को जब कभी भी मौका मिलता है तो वे एकदूसरे की टांग खींचने से पीछे नहीं हटते।

Shikhar Dhawan Rohit Sharma YouTube Breakfast With Champions
रोहित शर्मा और शिखर धवन वनडे इंटरनेशनल में 100 से ज्यादा पारियों में ओपनिंग पार्टनरशिप कर चुके हैं। (सोर्स- यूट्यूब स्क्रीनशॉट)

रोहित शर्मा और शिखर धवन वनडे इंटरनेशनल में 100 से ज्यादा पारियों में ओपनिंग पार्टनरशिप कर चुके हैं। इस दौरान दोनों ने 45 से ज्यादा के औसत से 4800 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इसमें 16 बार शतकीय और 15 बार अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं। वनडे इंटरनेशनल में दोनों भारत की दूसरी और दुनिया की चौथी सफलत ओपनिंग जोड़ी है। रोहित और शिखर में मैदान के अंदर और बाहर काफी अच्छी बॉन्डिंग हैं। हालांकि, दोनों को जब कभी भी मौका मिलता है तो वे एकदूसरे की टांग खींचने से पीछे नहीं हटते।

रोहित (Rohit Sharma) और शिखर (Shikhar Dhawan) ने गौरव कपूर (Gaurav Kapoor) के यूट्यूब (YouTube) शो ‘ब्रेकफॉस्ट विद चैम्पियंस’ (Breakfast with Champions) में ऐसे ही एक-दूसरे के बारे में बातें बताईं थीं। गौरव कपूर ने शो के दौरान दोनों से कहा, ‘चलो अच्छी बातें तो हो गईं अब एक दूसरे को परेशान करने वाली बातें बताओ।’ इस पर शिखर धवन ने कहा, ‘मेरे से बड़ा भुलक्कड़ ये है।’ इस पर रोहित ने कहा, ‘ये देखो। अरे यार।’ शिखर ने कहा, ‘अच्छा। फ्लाइट के अंदर पासपोर्ट कौन भूल गया था। आगे वाली सीट के पीछे जो पॉकेट होती है, उसमें डालकर भूल गए भाईसाहब।’ इस पर रोहित ने कहा, ‘अभी जो हमने आखिरी सीरीज भारत में ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज खेली थी, उधर भी तू कुछ भूल गया था।’ रोहित दिमाग पर जोर डालते हुए कहते हैं, ‘क्या भूला था यार?’

इस पर शिखर धवन ने कहा, ‘ड्रेसिंग रूम में यह बहुत होता है कि मैं मोजे मांगूंगा। मोजे भूल जाऊंगा।’ रोहित ने कहा, ‘हर मैच में इसको मोजे देने पड़ते हैं।’ धवन ने कहा, ‘मैं ले लेता हूं, फिर वापस ही नहीं करता। सोचता हूं कि देने की क्या जरूरत है। सबके पास इतने पड़े होंगे, कोई नहीं।’ यह सुन गौरव हंसने लगे। उन्होंने कहा, ‘जायदाद ऐसी बनाई जाती है। एक-एक मौजा मांगकर जायदाद बनाई जाती है।’

रोहित ने कहा, ‘कितनी बड़ी जायदाद बना ली होगी इसने अभी।’ धवन ने फिर कहा, ‘अच्छा मैं कभी भूल आया तो सपोर्टर मांग लेता हूं।’ इस पर गौरव ने कहा, ‘थोड़ी देर बाद तो ओपनर्स के बीच इंटीमेंट रिलेशनशिप हो जाती है।’ धवन ने कहा, ‘एक बार चेन्नई जाना था। तब एनसीए (नेशनल क्रिकेट अकादमी) थोड़े समय के लिए चेन्नई में था। मैं पहुंच गया जी। दो-तीन दिन के लिए ट्रेनिंग करनी थी। बताओ मैं क्या भूल गया?’

गौरव ने कहा, ‘किट बैग?’ धवन ने कहा, ‘नहीं, सूटकेस।’ यह सुनते ही रोहित और गौरव हंसने लगे। धवन ने कहा, ‘मेरे बंदे ने रखा ही नहीं। किट बैग पहुंच गया, सूटकेस नहीं पहुंचा। मेरे पास पहनने के लिए कपड़े ही नहीं थे। फिर मैंने बोला कपड़े दो थोड़े।’ रोहित ने कहा, ‘और भुलक्कड़ मुझे बोल रहा है।’ यह सुनकर तीनों हंसने लगे।

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