T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया पूरी तरह से तैयार है और न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम अपने हर तरह के कांबिनेशन को अजमा रही है साथ ही हर संभावनाओं को तलाश रही है जिससे कि उन्हें आईसीसी के इस मेगा इवेंट में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो।
भारत ने अपने घर में होने वाले इस आईसीसी इवेंट के लिए बेहतरीन टीम का चयन किया है जिसमें शामिल हर खिलाड़ी दमदार है और किसी भी परिस्थिति में खेलने में सक्षम है, लेकिन टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का मानना है कि भारत को वर्ल्ड कप के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन चुनने में परेशानी हो सकती है।
भारत को प्लेइंग 11 चुनने में होगी परेशानी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट से पहले बात करते हुए रोहित शर्मा ने बताया कि उनके हिसाब से भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी। रोहित के मुताबिक टीम मैनेजमेंट इस बात को लेकर दुविधा में रहेगा कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती दोनों स्पेशलिस्ट स्पिनर्स को खिलाया जाए या पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ वरुण को ही मौका दिया जाए। पिछले एक साल में भारत ने अपने स्पिन अटैक पर बहुत ज्यादा भरोसा किया है जिसमें वरुण, कुलदीप और अक्षर पटेल विरोधी टीमों पर हावी रहे हैं।
वर्ल्ड कप से पहले जियो हॉटस्टार पर रोहित शर्मा ने कहा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती दोनों को एक साथ कैसे खिलाया जाए। अगर आप वह कॉम्बिनेशन चाहते हैं तो आप ऐसा तभी कर सकते हैं जब आप दो सीमर के साथ खेलें जो एक बड़ी चुनौती है। T20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाले कप्तान रोहित ने माना कि वह प्लेइंग इलेवन में दोनों स्पेशलिस्ट स्पिनरों को खिलाने के बारे में सोचेंगे।
ओस होगी सबसे बड़ी चुनौती
रोहित ने कहा कि भारत में कंडीशंस को देखते हुए जैसे कि इस न्यूजीलैंड सीरीज में बहुत ज्यादा ओस है। फरवरी और मार्च में जब सर्दियां खत्म होती हैं, तो ज्यादातर जगहों पर भारी ओस होगी। मुंबई में भी जहां ज्यादा ठंड नहीं होती वहां भी ओस होती है। मैं कहूंगा कि भारत के 90-95 फीसदी मैदानों पर ओस होती है और यही सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आखिर में कहा कि कोच और कप्तान क्या सोचते हैं। क्या वे तीन स्पिनरों के साथ खेलने में कम्फर्टेबल हैं तो वे स्पिन खिला सकते हैं, लेकिन कोई फिक्स्ड नियम नहीं है। आपको एक पेसर को ड्रॉप करना होगा जो शायद सही न हो। यह टीम लीडरशिप की सोच पर निर्भर करता है।
