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VIDEO: ऋषभ पंत प्रैक्टिस के लिए 2 बजे रात में दिल्ली के लिए पकड़ते थे बस, छठी क्लास में क्रिकेटर बनने के बारे में किया था तय

ऋषभ पंत भारत के लिए 13 टेस्ट, 16 वनडे और 28 टी -20 मैच खेले हैं। उन्हें वनडे-टी20 से ज्यादा टेस्ट खेलना ज्यादा पसंद है। पंत को टीम में सबसे ज्याद महेंद्र सिंह धोनी से मदद मिली है।

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेले थे। (सोर्स- सोशल मीडिया)

भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत पिछली दो सीरीज में टीम इंडिया के लिए नहीं खेले। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें मौका मिला था, लेकिन टी20 और वनडे में उनकी जगह लोकेश राहुल ने विकेटकीपिंग की थी। पंत ने शुक्रवार यानी 1 मई को इंस्टाग्राम पर लाइव चैट में क्रिकेट में बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे प्रैक्टिस के लिए 2 बजे रात में रुड़की (उत्तराखंड) से दिल्ली के लिए बस पकड़ते थे। ठंड में 6 घंटे का सफर करना मुश्किल होता था।

पंत ने कहा, ‘‘उत्तराखंड के पास उस समय क्रिकेट टीम नहीं थी। इसलिए मैं रात को 2 बजे बस पकड़ने जाता था। उस वक्त सड़क मार्ग से दिल्ली आने में 6 घंटे लगते थे। सर्दियों के दौरान यह बहुत मुश्किल था क्योंकि बहुत ठंडा होती थी। जब भी पीछे मुड़कर देखता हू्ं तो लगता है कि यह एक अच्छा सफर रहा। आपको अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।’’ पंत भारत के लिए 13 टेस्ट, 16 वनडे और 28 टी -20 मैच खेले हैं।

पंत ने कहा, ‘‘मेरे पिता शिक्षक थे। वे मुझसे हर चीज के बारे में बातें करते हैं। उन्होंने ही क्रिकेट के बारे में मुझे बताया। मैंने छठी क्लास में ही तय कर लिया था मैं क्रिकेट खेलूंगा। पिता ने कहा था कि जो करना है दिल से करो। उन्हें स्कूल में लोग कहते थे कि मास्टर जी अपने लड़के को खराब कर रहे हो। इसके बाद मेरे पिता कहते थे कि लोग कैसे सोच सकते हैं कि कोई खेल रहा है तो वह खराब हो रहा है।’’ ऋषभ ने आगे कहा कि उन्हें वनडे-टी20 से ज्यादा टेस्ट खेलना ज्यादा पसंद है।

टीम में कौन-कौन सपोर्ट करता है के सवाल पंत ने सबसे पहले महेंद्र सिंह धोनी का नाम लिया। उन्होंने कहा, ‘‘माही भाई मेरे लिए मेंटर की तरह हैं। वे मैदान से बाहर और अंदर मुझे सलाह देते रहते हैं। क्रिकेट के बारे में मदद करते हैं। पर्सनल समस्या के बारे में बात करता हूं। वे मुझे सलाह देकर कहते हैं कि इसे लेना या नहीं लेना तुम्हारा मन है। कोशिश करते हैं कि मैं खुद समस्या को ठीक करते हैं। वे ऐसा भी नहीं करते हैं कि मैं उन पर ही निर्भर हो जाऊं। हमेशा सबकुछ क्लियर नहीं करते। मुझे कुछ भी समस्या होती है तो वे मदद करते हैं। उनके अलावा विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन के साथ-साथ युवराज सिंह और सुरेश रैना भी मेरी मदद करते हैं।’’

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