रियो ओलंपिक में पदकों का दारोमदार मिर्जा, बोपन्ना और पेस पर

सानिया मिर्जा रियो ओलंपिक में मिश्रित युगल और महिला युगल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। महिला युगल में सानिया वर्ल्ड नंबर वन हैं और महिला युगल में उनका साथ प्रार्थना थोम्बारे और मिश्रित युगल में रोहन बोपन्ना देंगे।

Author नई दिल्ली | Updated: July 26, 2016 3:55 PM
rio olympics 2016, sania mirza, rohan bopanna, leander paes, responsibility, medals, sports news, tennis, badmintonसानिया मिर्जा रियो ओलंपिक में मिश्रित युगल और महिला युगल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

सानिया मिर्जा : सानिया मिर्जा रियो ओलंपिक में मिश्रित युगल और महिला युगल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। महिला युगल में सानिया वर्ल्ड नंबर वन हैं और महिला युगल में उनका साथ प्रार्थना थोम्बारे और मिश्रित युगल में रोहन बोपन्ना देंगे। 2005 के आस्ट्रेलियाई ओपन में सानिया तीसरे राउंड में पहुंची थीं। जूनियर वर्ग में उन्होंने दुनियाभर में 10 एकल,13 युगल ख़िताब जीते। 2003 विंबलडन में उन्होंने एलिसा क्लेबानोवा के साथ लड़कियों का युगल खिताब जीता था। मार्टिना हिंगिस के साथ महिला युगल में पिछले एक साल में काफी जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मिश्रित युगल में महेश भूपति के साथ मिलकर 2009 में आस्ट्रेलियाई ओपन और 2012 में फ्रेंच ओपन का ख़िताब जीता था। ब्राजील के ब्रूनो सोर्स के साथ मिलकर उन्होंने 2014 में यूएस ओपन का खिताब जीता था।

रोहन बोपन्ना: रोहन बोपन्ना युगल के शानदार खिलाड़ी हैं। एटीपी मास्टर्स का खिताब जीत चुके हैं। वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष पांच में भी रहे हैं। 36 बरस के बोपन्ना डेविस कप में भारतीय अभियान के मजबूत स्तंभ हैं। बोपन्ना की इस वक्त रैंकिंग 11 है। वह लंदन ओलंपिक में खेल चुके हैं। ऐसे में इस बार उनके लिए मौके काफी अच्छे हैं। 19 साल की उम्र तक बोपन्ना ने इस खेल को गंभीरता से नहीं लिया था। इस दौरान वह हॉकी और फुटबॉल से भी जुड़े रहे। साल 2003 में बोपन्ना ने प्रो टेनिस शुरू की। साल 2007 तक बोपन्ना की रैंकिंग 213 थी। बोपन्ना साल 2012 में महेश भूपति के साथ भारत को ओलंपिक में पदक दिलाने के इरादे से उतरे थे। दोनों को फ्रांस के जूलियन बेन्नेटौ/रिचर्ड गस्कुएत से 16वें राउंड में हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इन दोनों ने दुबई और पेरिस मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई थी।

लिएंडर पेस: लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक दिलाया था अटलांटा ओलंपिक में उन्हें वाइल्ड कार्ड से प्रवेश मिला था। अटलांटा में पेस ने पहले दौर में अमेरिका के रिची रेनबर्ग को पराजित किया था। सेमीफाइनल में अमेरिका के आंद्रे अगासी ने पेस को 7-6, 6-3 से हराया लेकिन पेस ने ब्राज़ील के मेलीजेनी को हराकर ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पेस ने हाल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ युगल मुकाबले में बोपन्ना के साथ युगल खिताब जीता था। दोनों ने अपने को जोरदार जोड़ीदार साबित किया था। हालांकि ओलंपिक में बोपन्ना पेस को जोड़ीदार बनाना नहीं चाहते थे लेकिन बाद में इसके लिए राजी हो गए। बढ़ती उम्र के बावजूद पेस युगल में दमदार खिलाड़ी हैं। भारत को उनके अनुभव पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि वह बोपन्ना के संग पदक दिलाएंगे।

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