ताज़ा खबर
 

रियो ओलंपिक में नेहवाल, किदांबी और ज्वाला से उम्मीदें

2015 में विश्व बैडमिंटन में साइना नेहवाल ने जोरदार खेल दिखाया। आॅल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

Author नई दिल्ली | July 26, 2016 3:54 PM
Rio de Janeiro for the 2016

2015 में विश्व बैडमिंटन में साइना नेहवाल ने जोरदार खेल दिखाया। आॅल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं। साइना के नाम नौ खिताब हैं। साल 2006 में 16 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय अंडर-19 चैंपियनशिप जीती। दो बार एशियाई सैटेलाइट चैंपियनशिप भी जीती। 2008 के बेजिंग ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंची। वह वर्ल्ड सुपर सीरीज के फाइनल में भी पहुंची। साल 2009 में सुपर सीरीज ख़िताब जीता। 2009-10 के लिए उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिला। लंदन ओलंपिक में उन्हें कांस्य पदक मिला जब चीन की वांग सिन ने चोट के कारण मैच बीच में छोड़ दिया। तब स्कोर 18-21, 0-1 था।

किदांबी श्रीकांत ने अपने को बैडमिंटन का बड़ा सितारा साबित किया है। छोटे से करियर में 23 वर्षीय खिलाड़ी के नाम सुपरसीरीज और ग्रैंड प्री जैसे ख़िताब हैं। 2013 में 338 वें स्थान से 2015 में टॉप 5 में पहुंचे। साल 2011 में कामनवेल्थ यूथ गेम्स के मिश्रित युगल में रजत और पुरुषों के युगल में कांस्य पदक जीता। 2013 में थाईलैंड ओपन में पहला ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड जीता। साल 2014 में श्रीकांत ने दो बार के ओेलंंपिक चैंपियन लीन डान को हराकर चीन ओपन सुपरसीरीज प्रीमियर ख़िताब अपने नाम किया। वह वर्ल्ड सुपरसीरीज के सेमीफाइनल और सैयद मोदी ग्रैंड प्रिक्स के फाइनल में पहुंचे। वह टॉप 5 खिलाड़ियों में आ पाए। उसी साल मार्च में उन्होंने दूसरा ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड जीता। 2015 के अंत में वह इंडोनेशिया मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे। जनवरी 2016 में सैयद मोदी चैंपियनशिप जीती।

बैडमिंटन डबल्स में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा का कोई सानी नहीं है। ज्वाला के नाम मिश्रित युगल में ज्यादा कामयाबी आई। ज्वाला पहले टेनिस खेलती थीं और फिर 6 साल की उम्र में उन्होंने बैडमिंटन को अपनाया। उन्होंने पहला खिताब थिससुर में अंडर 13 मिनी राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीता और साल 2000 में जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप अपने नाम की। ज्वाला ने श्रुति कुरियन के साथ 2006 में श्रीलंका सैटेलाइट चैलेंज, साइप्रस बैडमिंटन टूर्नामेंट, पाकिस्तान चैलेंज और 2007 में भारतीय चैलेंज, नेपाल सीरीज और 2008 में डच ओपन ग्रां प्री खिताब में हिस्सा लिया। पोनप्पा के साथ 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में उतरीं और युगल जीता। दोनों की जोड़ी ने कोपेनहेगन में वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो कांस्य जीते। ज्वाला और पोनप्पा ने लंदन ओलंपिक में 2012 में क्वार्टर फाइनल में एक अंक से हार गईं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App