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Rio Olympics 2015: उसेन बोल्ट ने 100 मीटर में हैट्रिक बनाकर ओलंपिक में रचा नया इतिहास

रियो ओलंपिक में जमैका के बोल्ट ने खचाखच भरे स्टेडियम में 100 मीटर के फाइनल में 9.81 सेकेंड का समय निकालकर सोने का तमगा हासिल किया।

Author रियो डि जिनेरियो | August 15, 2016 9:15 PM
जमैका के फर्राटा धावक उसेन बोल्ट जीत के बाद अपने चिर-परिचित अंदाज़ में। (पीटीआई फोटो)

तूफान के पर्याय, फर्राटा के बादशाह उसैन बोल्ट ने आज (सोमवार, 15 अगस्त) यहां अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर की बहुप्रतिष्ठित, बहुचर्चित दौड़ में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक में नया इतिहास रचा जबकि दक्षिण अफ्रीका के वेड वान नीकर्क ने 400 मीटर में माइकल जॉनसन का लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ा। रियो ओलंपिक में जमैका के बोल्ट ने खचाखच भरे स्टेडियम में 100 मीटर के फाइनल में 9.81 सेकेंड का समय निकालकर सोने का तमगा हासिल किया। डोपिंग के दागी अमेरिकी धावक जस्टिन गैटलिन 9.89 सेकेंड के साथ दूसरे जबकि कनाडा के आंद्रे डि ग्रेस 9.91 सेकेंड का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहे।

नीकर्क ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ 43.03 सेकेंड में पूरी की जो जॉनसन के पिछले रिकॉर्ड से 0.15 सेकेंड बेहतर है। जॉनसन ने 1999 में सेविले में यह रिकॉर्ड बनाया था। ग्रेनाडा के मौजूदा चैंपियन किरानी जेम्स ने 43.76 सेकेंड के साथ रजत पदक जीता जबकि अमेरिका के लैशवान मेरिट (43.85 सेकेंड) को कांस्य पदक मिला। लेकिन आज (सोमवार, 15 अगस्त) का दिन बोल्ट के नाम पर था और पूरे स्टेडियम में सिर्फ उन्हीं का नाम गूंज रहा था। विश्व और ओलंपिक रिकॉर्डधारक इस फर्राटा धावक ने अपने प्रशंसकों को निराश भी नहीं किया। बीजिंग और लंदन में भी 100 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने वाले इस दिग्गज ने दौड़ पूरी करने के बाद दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

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बोल्ट ने अपने पारंपरिक ‘लाइटनिंग बोल्ट’ का पोज बनाया। उन्होंने पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया और यहां तक कि अपने प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी खिंचवायी। उन्होंने बाद में कहा, ‘यह बेहतरीन था। मैं बहुत तेज नहीं दौड़ा लेकिन मैं जीता और इसलिए मैं खुश हूं। मैंने आपसे कहा था कि मैं खिताब जीतने जा रहा हूं। किसी ने कहा था कि मैं अमर बन सकता हूं। दो और पदक जीतकर मैं अमर बनकर विदाई ले सकता हूं।’ आधुनिक ओलंपिक की शुरुआत 1896 में हुई और पिछले 120 वर्षों में बोल्ट पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 100 मीटर की दौड़ में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। यही नहीं वह लगातार तीसरी बार 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर में स्वर्ण पदक जीतने का भी नया रिकॉर्ड बनाने की राह पर हैं।

बोल्ट के नाम पर ट्रैक स्पर्धाओं में सर्वाधिक ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड है और अब फर्राटा दौड़ की जीत से उन्होंने सुनिश्चित कर दिया कि वह मोहम्मद अली, पेले और माइकल जोर्डन जैसे खिलाड़ियों की बराबरी का दर्जा पाने का हकदार हैं। बोल्ट की जीत से गैटलिन का विरोध करने वाले लोगों को भी राहत मिली जो डोपिंग विवाद में फंसे इस अमेरिकी एथलीट का विरोध कर रहे थे। यहां तक कि जब स्टेडियम में गैटलिन के नाम की घोषणा हुई तो तब भी दर्शकों ने उनकी हूटिंग की। एथेंस ओलंपिक 2004 में स्वर्ण पदक जीतने वाले गैटलिन ने यहां आने से पहले बोल्ट को हराने का वादा किया था लेकिन वह रजत पदक जीतकर खुश थे। उन्होंने कहा, ‘मैं 34 साल का हूं और मैंने इन युवा धावकों के साथ दौड़ में हिस्सा लिया और फिर भी पोडियम पर पहुंचने में सफल रहा। इसलिए मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। हम यहां नौ सेकेंड दौड़ने के लिए साल में 365 दिन मेहनत करते हैं।’

फर्राटा दौड़ के अलावा सभी की निगाह 400 मीटर दौड़ पर भी लगी थी जिसमें नीकर्क ने आठवीं लेन पर दौड़ते हुए अपने प्रदर्शन से सभी को रोमांचित किया। इस दौड़ में हालांकि कड़ा मुकाबला देखने को मिला क्योंकि फाइनल में पहुंचे सभी आठ धावकों ने 44.61 सेकेंड से कम का समय निकाला। लेकिन 24 वर्षीय नीकर्क ने 43 सेकेंड से कम समय में दौड़ पूरी करने की संभावना जगा दी। नीकर्क ने बाद में कहा, ‘मुझे विश्वास था कि मैं विश्व रिकॉर्ड बना सकता हूं। मैंने हमेशा इस पदक का सपना देखा था। मैं खुशनसीब हूं।’ जॉनसन का रिकॉर्ड टूट गया लेकिन इस दौड़ से वह भी काफी रोमांचित थे। उन्होंने बीबीसी से कहा, ‘मैंने कभी इस तरह की दौड़ नहीं देखी। यह शानदार थी। वान नीकर्क का यह अभूतपूर्व प्रदर्शन था। इस युवा खिलाड़ी ने वास्तव में खास किया है। वह 43 सेकेंड से कम का समय निकाल सकता है। मैंने कोशिश की थी लेकिन नाकाम रहा।’

एथलेटिक्स में जिन अन्य स्पर्धाओं में पदकों का फैसला हुआ उनमें महिलाओं की मैराथन भी शामिल थी जिसमें कीनिया की जेमिमा जेलागट सुमगांग ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने दो घंटे 24 मिनट 04 सेकेंड में दौड़ पूरी की। बहरीन की इयुनीस जेपकिरूई किर्वा (दो घंटे 24 मिनट 13 सेकेंड) को रजत और इथोपिया की मेर दिबाबा (दो घंटे 24 मिनट 47 सेकेंड) को कांस्य पदक मिला। महिलाओं की त्रिकूद में कोलंबिया की कैटरीन इबारगन ने 15.17 मीटर कूद लगाकर सोने का तमगा हासिल किया। वेनेजुएला की युलिमार रोजस ने 14 .98 मीटर कूद लगाकर रजत जबकि कजाखस्तान के ओलक अलेक्सेयेवा (14.74 मीटर) ने कांस्य पदक हासिल किया।

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