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Rio Olympics 2016: क्वार्टर फाइनल में हार के बाद भारतीय हॉकी टीम के कप्तान श्रीजेश ने देश से मांगी माफ़ी

बेल्जियम से 3-1 से हारने के बाद पी.आर. श्रीजेश ने कहा, ‘दुर्भाग्य से, हम चांद छू रहे हैं लेकिन तब भी वहां पहुंच नहीं सके, हम वहां से नीचे गिर गए।'
Author रियो डि जिनेरियो | August 15, 2016 23:50 pm
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान और गोलकीपर पी.आर. श्रीजेश। (फाइल फोटो)

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान पी आर श्रीजेश ने रियो ओलंपिक के हॉकी क्वार्टर फाइनल में टीम की हार के बाद देश की उम्मीदों पर खरा ना उतरने के लिए माफी मांगी। उन्होंने रविवार (14 अगस्त) को बेल्जियम से 3-1 से हारने के बाद कहा, ‘दुर्भाग्य से, हम चांद छू रहे हैं लेकिन तब भी वहां पहुंच नहीं सके, हम वहां से नीचे गिर गए। इससे हम बहुत मायूस हैं क्योंकि हमसे देश ने काफी उम्मीदें लगायी थीं।’श्रीजेश ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने देश को निराश किया लेकिन तब भी सोचता हूं कि हम खिलाड़ियों को सच में कड़ी मेहनत करने की और आगामी प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है।’ भारत मैच के पहले क्वार्टर में आकाशदीप सिंह के गोल के सहारे 1-0 से आगे थे लेकिन दूसरे हाथ में उसने तीन गोल खा लिए। बेल्जियम ने पूरे मैच में बढ़त बनाए रखी और 1920 एंटवर्प ओलंपिक के बाद से अपने पहले ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचा। भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने मैच में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया और पहले हाफ में एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने से रोका था।

उन्होंने कहा, ‘खासकर मेरे लिए एक गोलकीपर के तौर पर यह बहुत मुश्किल है, मुझे लगता है कि गोल बचाने को कोई याद नहीं रखता क्योंकि केवल गोल दागना हीं मायने रखता है।’ ओलंपिक में भारत की कप्तानी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मैं कहीं भी टीम का नेतृत्व करने के बारे में नहीं सोचा था। लेकिन तब भी यह मेरे लिए एक बड़ा सम्मान और जिम्मेदारी है।’ भारतीय टीम के कोच रोलैंट ओल्टमैंस ने भी भारत की हार पर निराशा जताते हुए कहा कि भारत को मैच जीतना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘हमने आज जिस तरह का खेल दिखाया उससे मैं निराश हूं। मुझे बेल्जियम को श्रेय देना होगा जिसने हमें ऐसे खेलने पर मजबूर किया। मुझे अपने खिलाड़ियों पर ध्यान देना होगा देखना होगा कि हमने जैसी योजना बनाई थी, उन्होंने वैसा प्रदर्शन क्यों नहीं किया।’

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