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Rio 2016: बाधा दौड़ एथलीट से लूटपाट के बाद चीन ने रियो भेजा एक पुलिसकर्मी

चीन के बाधा दौड़ एथलीट की लूटपाट की शिकायत के बाद चीन ने रियो ओलंपिक के लिए एक पुलिसकर्मी भेजा है जो देश के खेल दल, मीडिया और यात्रा कर रहे दर्शकों की सुरक्षा में मदद करेगा।

Author बीजिंग | August 5, 2016 04:55 am
रियो में भारतीय दल के लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बीच कुश्ती और बैडमिंटन ने पदक की उम्मीद बरकरार रखी है।

चीन के बाधा दौड़ एथलीट की लूटपाट की शिकायत के बाद चीन ने रियो ओलंपिक के लिए एक पुलिसकर्मी भेजा है जो देश के खेल दल, मीडिया और यात्रा कर रहे दर्शकों की सुरक्षा में मदद करेगा। राज्य की मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिसकर्मी का नाम शाओ वेईमिन है, जिसका अधिकारिक ‘टाइटल’ अस्थायी पुलिस संवाद अधिकारी है। बेजिंग न्यूज की खबर के मुताबिक वह दो महीने पहले अपनी भूमिका की तैयारी के लिए रियो आ गया था।

शाओ की भूमिका ‘राजनीतिक’ अधिकारी की होगी जो मुख्यत: संवाद के लिए जिम्मेदार होगा और ब्राजील में वह सीधे तौर पर पुलिस के कर्तव्य नहीं निभाएगा। चीन के बाधा दौड़ एथलीट शी डोंगपेंग ने कहा था कि ब्राजील में आने के बाद उसका निजी कंप्यूटर चोरी हो गया। चीन के विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते अपने नागरिकों को सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की थी।

ओलंपिक पिन एकत्रित करने का शौक है पति-पत्नी को
रियो डि जिनेरियो (भाषा)। जोआन मारांट्ज और उनकी पत्नी सिडनी मारांट्ज का जुनून है ओलंपिक पिन एकत्रित करना जिसकी शुरुआत उन्होंने 1976 मांट्रियल से की। लास एंजिलिस के इस व्यवसायी के पास अपने घर में 12,000 से ज्यादा ओलंपिक पिन हैं। पिछले 16 ओलंपिक खेलों से यह 71 वर्षीय ‘ओलंपिक पिन’ इकट्ठा करता रहा है जिसमें ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन दोनों खेल शामिल हैं। प्रत्येक ओलंपिक में ये आते हैं और अपने ‘ओलंपिक पिन’ का प्रदर्शन करते हैं।

रियो ओलंपिक की सबसे युवा खिलाड़ी है नेपाली तैराक
रियो डि जिनेरियो (एएफपी)। नेपाल की गौरिका सिंह रियो ओलंपिक की सबसे युवा खिलाड़ी हैं और यह 13 वर्षीय तैराक इस महासमर में नेपाल का प्रतिनिधित्व कर रही है। वह रविवार को 100 मी बैकस्ट्रोक हीट में भाग लेगी। गौरिका इंग्लैंड में हर्टफोर्डशर में हाबर्डाशर्स एस्केज स्कूल फॉर गर्ल्स में पढ़ती है जहां हर छात्र किसी न किसी हुनर में माहिर है। इसलिए गौरिका को अपनी सबसे युवा बनने की उपलब्धि पर कोई गर्व नहीं है। गौरिका ने कहा कि मैंने बचपन में तैराकी शुरू की थी लेकिन प्रतिस्पर्धी स्तर पर जब मैं नौ वर्ष की हुई तो शुरुआत की। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहां तक पहुंचूंगी लेकिन यह अविश्वसनीय और शानदार है। वे लंदन में बार्नेट कोपथाल में दो रियो ओलंपियन और पाकिस्तानी हैरिस बैंडी और लियायाना स्वान के साथ ट्रेनिंग करती हैं।

ओलंपिक के सफर की शुरुआत तब हुई जब उनके कोच ने फैसला किया कि उसे अपने देश की नेपाली टीम का प्रतिनिधित्व करने की कोशिश करनी चाहिए। गौरिका नेपाल में जन्मी लेकिन जब वह दो साल की थी तभी उसके परिवार ने स्काटलैंड, प्रेस्टन और लीड्स में रहने के बाद ब्रिटेन में बसने का फैसला किया। नेपाल में जब 2015 में भयंकर भूकम्प आया था जिसमें 9,000 लोगों की मौत हो गयी तब वह काठमांडो में ही थी लेकिन नई इमारत में रहने के कारण बच गयी थी। इस दौरान उसने अपनी मां और भाई के साथ मेज के नीचे छिपकर खुद को बचाया था।

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