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Rio Olympics 2016: देश की पहली महिला सिल्वर मेडलिस्ट बनी सिंधु, कैरोलिना को नहीं दे पाईं मात

सिंधु ने काफी शॉट बाहर भी मारे जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
Author रियो डि जिनेरियो | August 20, 2016 03:50 am
सिंधू को फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और दो बार विश्व बैडमिंटन चैम्पियन कैरोलिना मारिन से भिड़ना था। सिंधू ने कैरोलिना को अच्छी टक्कर भी दी लकेिन वो मैच जीत नहीं सकीं।

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सपना शुक्रवार को  टूट गया जब रियो ओलंपिक की महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में उन्हें स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ कड़े मुकाबले में शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही भारत की 21 वर्षीय सिंधु मारिन के बनाये दबाव के आगे टूट गई और उन्हें यहां रियो सेंटर में एक घंटा और 23 मिनट चले मुकाबले में पहला गेम जीतने के बावजूद 21-19, 12-21, 15-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। सिंधु निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ :एथेंस 2004: और विजय कुमार :लंदन 2012: तथा पहलवान सुशील कुमार :लंदन 2012: के बाद ओलंपिक में व्यक्तिगत रजत पदक जीतने वाली चौथी भारतीय हैं। विश्व चैम्पियनशिप की दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधु भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वाली पांचवीं महिला और रजत जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी :सिडनी 2000:, मुक्केबाज एमसी मैरीकोम :लंदन 2012:, बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल :लंदन 2012: और पहलवान साक्षी मलिक :रियो 2016: भारत की ओर से खेलों के महाकुंभ में पदक जीतने वाली महिला खिलाड़ी हैं। सिंधु पहले गेम में एक समय 16-19 से पिछड़ रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार पांच अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम कर लिया। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि दूसरा गेम आसानी से गंवा दिया जिससे मुकाबला 1-1 से बराबर हो गया।

तीसरे और निर्णायक गेम में भी सिंधु एक समय 1-6 से पिछड़ रही थी लेकिन 10-10 के स्कोर पर बराबरी हासिल करने में सफल रही। वह हालांकि ब्रेक के बाद लय बरकरार नहीं कर सकी जिसके बाद मारिन ने शानदार खेल दिखाते हुए बैडमिंटन में स्पेन को पहला स्वर्ण पदक दिला दिया।पिछले दो साल में दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए पांच मुकाबलों में मारिन ने सिंधु को चार बार हराया है जबकि भारतीय खिलाड़ी ने पिछले साल डेनमार्क सुपर सीरीज के दौरान जीत दर्ज की थी लेकिन आज इस प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रही।मारिन ने रोमांचक मुकाबले में अपने ताकतवर और सटीक स्मैश से दबाव बनाया जिसका कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था। सिंधु ने इसके अलावा काफी शाट बाहर भी मारे जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

पहले गेम में स्पेन की खिलाड़ी ब्रेक तक 11-8 से आगे थी। मारिन ने सिंधु को रैली में उलझाया और फिर नेट पर भी शानादार खेल दिखाते हुए 15-11 की बढ़त बना ली। मारिन ने इसके बाद नेट पर शाट मारा और एक शाट बाहर खेल गई जिससे सिंधु को दो अंक मिले। स्पेन की खिलाड़ी ने हालांकि 17-15 की बढ़त बनाए रखी। मारिन ने एक और शाट बाहर मारा लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने वीडियो रैफरल में अंक गंवाया जिससे मारिन 18-16 से आगे हो गई। मारिन ने विनर के जरिये एक और अंक जुटाकर स्कोर 19-16 किया। मारिन ने इसके बाद दो शाट बाहर मारे और नेट पर भी चूकी जिससे सिंधु ने स्कोर 19-19 कर दिया। मारिन ने एक बार फिर नेट पर शाट मारा जिससे सिंधु ने गेम में पहली बार 20-19 से बढ़त बनाई। स्पेन की खिलाड़ी इसके बाद सिंधु के रिटर्न को वापस भेजने में नाकाम रही जिससे भारतीय खिलाड़ी ने हार की स्थिति में होने के बावजूद पहला गेम जीत लिया।

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मारिन ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और जल्द ही 4-0 की बढ़त बना ली। सिंधु मारिन को रैली में उलझाने में नाकाम रही और उन्हें अपने स्मैश और फ्लिक को लेकर भी जूझना पड़ा जिससे बे्रेक तक मारिन 11-2 से आगे थी।ब्रेक के बाद सिंधु ने मारिन की लय तोड़ने की कोशिश की लेकिन स्पेन की खिलाड़ी ने रैली में दबदबा बनाए रखा और कुछ अच्छे क्रास कोर्ट शाट खेलकर बढ़त 17-9 तक पहुंचा दी।सिंधु अपने शाट में गलती भी कर रही थी जिससे मारिन ने बढ़त को 19-12 तक पहुंचाया। मारिन ने इसके बाद बेसलाइन से ओवरहैड रिटर्न के जरिये गेम प्वाइंट हासिल किया और फिर ड्राप शाट के साथ दूसरा गेम अपने नाम करते हुए मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया।

तीसरे और निर्णायक गेम में मारिन ने अच्छी शुरुआत की लेकिन सिंधु 10-10 के स्कोर पर बाराबरी हासिल की। स्पेन की खिलाड़ी ने हालांकि धैर्य बरकरार रखते हुए गेम और मैच जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जापान की नोजोमी ओकुहारा ने कांस्य पदक जीता जब लंदन ओलंपिक की चैम्पियन चीन की ली शुएरूई घुटने की चोट के कारण मैच के लिए नहीं उतरी। शुएरूई को कल मारिन के खिलाफ सेमीफाइनल में यह चोट लगी थी। दूसरी तरफ पुरुष एकल में मलेशिया के ली चोंग वेई ने फाइनल में प्रवेश किया जहां उनका सामना चीन के चेन लोंग से होगा। चोंग वेई ने पिछले दो ओलंपिक फाइनल में हार का बदला लेते हुए चिर प्रतिद्वंद्वी चीन के लिन डैन को सेमीफाइनल में 5-21, 21-11, 22-20 से हराया।

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