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Rio Olympics 2016: एथलेटिक्स में ख़राब प्रदर्शन, दुती चंद फ्लॉप, अनस-अंकित भी बाहर

दुती 100 मीटर में 36 साल में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला थी। उसने 11.69 सेकंड का समय निकाला

Author रियो डि जिनेरियो | August 13, 2016 16:02 pm
ट्रैक पर नीली जर्सी में भारत की फर्राटा धाविका दुती चंद। (REUTERS/Lucy Nicholson)

‘लिंग परीक्षण’ से जुड़े विवादों को पीछे छोड़कर पहली बार ओलंपिक खेल रही फर्राटा धाविका दुती चंद रियो ओलंपिक की एथलेटिक्स स्पर्धा के पहले दिन 100 मीटर की अपनी हीट में सातवें स्थान पर रहकर बाहर हो गई। दुती 100 मीटर में 36 साल में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला थी। उसने 11.69 सेकंड का समय निकाला जो उसके 11.24 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय से भी कम है। पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में मोहम्मद अनस अपनी हीट से ही बाहर हो गए। वहीं अंकित शर्मा लंबी कूद में फाइनल में जगह नहीं बना सके। छठी लेन में अनस ने शुरूआत अच्छी की लेकिन 45.95 सेकंड का ही समय निकाल सके जबकि उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 45.40 सेकंड का है। वह सातवीं हीट में आठ धावकों में छठे स्थान पर रहे।

केरल के अनस 50 एथलीटों में 31वें स्थान पर रहे। सातों हीट में से पहले तीन एथलीट ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। लंबी कूद में अंकित शर्मा ने अपने तीसरे प्रयास में 7.67 मीटर की कूद लगाई और वह 30 एथलीटों में 12वें स्थान पर रहे। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी शर्मा ने जून में कजाखस्तान में 8.19 मीटर की कूद लगाकर रियो के लिए क्वालीफाई किया था लेकिन यहां वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। दुती ने कहा कि वह दबाव नहीं झेल सकी और भारत से इकॉनमी क्लास से 36 घंटे का सफर करने से उनकी तैयारियों पर असर पड़ा। उसने कहा,‘मैं डरी हुई और नर्वस थी। यहां का माहौल ही अलग है और हर कोई मुझसे लंबा था।’

चौथी लेन से शुरुआत करने वाली दुती पहले अच्छा दौड़ रही थी लेकिन फिर अमेरिका की टियाना बार्टोलेटा और पोलैंड की इवा स्वोबोडा उससे आगे निकल गई। दुती से पहले 1980 के मास्को ओलंपिक में पीटी उषा ने भारत के लिए फर्राटा दौड़ में भाग लिया था। दुती आखिरी 25 मीटर में भी जूझती नजर आई और सातवें स्थान पर रही। उसने कहा कि लंबी उड़ान के कारण वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकी और उसके निजी कोच दो दिन विलंब से यहां पहुंचे। उसने कहा,‘मैंने अलमाटी में अच्छी तैयारी की थी क्योंकि मैं वहां पहले ही पहुंच गई थी। यहां इकॉनमी क्लास की सीट पर 36 घंटे सफर करके मैं थक गई थी। मैं यहां पांच अगस्त को पहुंची और दो दिन सोती रही । मैं खुद को ढाल नहीं सकी और मेरे कोच भी देर से पहुंचे।’

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