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ब्राजील: पैरालंपिक के साथ रियो में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं का समापन

1192 दिन तक चला प्रतियोगिताओं का महासमर।

Author रियो डि जिनेरियो | September 20, 2016 5:51 AM
रियो डि जिनेरियो ओलंपिक (file photo)

पैरालंपिक के समापन समारोह के साथ ब्राजील में 1192 दिन के बाद बड़ी और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन का दौर समाप्त हो गया। इस शानदार सफर की शुरुआत 2013 में फुटबॉल के कनफेडरेशन कप के साथ हुई, फिर 2014 विश्व कप का आयोजन किया गया। पिछले महीने रियो में आइओसी अध्यक्ष थामस बाक के विदाई भाषण के साथ ओलंपिक 2016 समाप्त हुए जबकि रविवार देर रात रियो के मराकाना स्टेडियम में 45000 दर्शकों की मौजूदगी में पैरालंपिक खेलों का भी अंत हो गया।

ब्राजील को इन खेलों की मेजबानी उस समय सौंपी गई थी जब वह उभरती हुई आर्थिक शक्ति था और इन खेलों के कारण वह दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। हालांकि समय बीतने के साथ ब्राजील मंदी में घिर गया। एक अरब डालर के भ्रष्टाचार प्रकरण ने सार्वजनिक तेल कंपनी पेट्रोब्रास को हिलाकर रख दिया और राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ को ओलंपिक समाप्त होने के कुछ दिन बाद महाभियोग चलाकर उनके कार्यालय से बाहर कर दिया गया। ब्राजील ने इन प्रतियोगिताओं के आयोजन पर 30 अरब डालर से अधिक खर्च किए जिसमें जनता के पैसे के अलावा निजी पैसा भी लगा। फुटबॉल विश्व कप के लिए चार स्टेडियम का निर्माण किया गया जिन्हें सफेद हाथी कहा गया क्योंकि ये चारों ऐसे शहरों में थे जहां कोई बड़ी टीम नहीं थी।

हालांकि रियो ओलंपिक की मेजबानी को लेकर इस मामले में बेहतर रहा। यहां मेट्रो लाइन को बढ़ाया गया, बस लाइन में विस्तार हुआ और हल्की रेल सेवा में भी बढ़ोत्तरी की गई। इन सब के बाद भी अधिकांश निवेश बारा डा तिजुका जैसे बेहतर इलाकों में किया गया ना कि स्लम या पिछड़े क्षेत्रों मेंं। इसके अलावा खेलों के खत्म होने के बाद ओलंपिक पार्क और खेल गांव के पास व्यावसायिक और रिहायशी संपत्ति काफी महंगी हो गई है। ब्राजील की प्रतिष्ठा को भी इससे अधिक फायदा नहीं हुआ। ओलंपिक में गिने चुने विदेशी नेताओं ने शिरकत की जबकि चार साल पहले लंदन में लगभग 100 विदेशी नेता पहुंचे थे। रियो को नुकसान हुआ और शहर बांड भुगतान करने में विफल रहा। कुछ स्कूलों ने कक्षाएं निलंबित कर दी और अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी हो गई। संघीय और स्थानीय सरकार के अंतिम लम्हों में 25 करोड़ रीयाल (सात करोड़ 65 लाख डालर) का भुगतान करने से पैरालंपिक का आयोजन हो पाया।

 

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