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Rio Olympics 2016: सभी रूसी मुक्केबाज ले सकेंगे ओलंपिक में भाग

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज संघ (आइबा) ने गुरुवार को कहा कि रियो ओलंपिक में जगह बनने वाले सभी 11 रूसी मुक्केबाजों को रिंग में उतरने की अनुमति दी जानी चाहिए।

Author रियो डि जिनेरियो | August 5, 2016 5:02 AM

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज संघ (आइबा) ने गुरुवार को कहा कि रियो ओलंपिक में जगह बनने वाले सभी 11 रूसी मुक्केबाजों को रिंग में उतरने की अनुमति दी जानी चाहिए। आइबा ने उदघाटन समारोह से एक दिन पहले कहा कि विश्व डोपिंग रोधी एजंसी (वाडा) के सरकारी स्तर पर डोपिंग के आरोपों के बाद नौ पुरुष और दो महिला मुक्केबाजों के मामलों की समीक्षा पूरी कर ली गई है। आइबा ने बयान में कहा कि यह प्रक्रिया पूरी हो गई है और आइओसी समीक्षा पैनल से पुष्टि हो गई है कि रूस के 11 मुक्केबाज रियो 2016 में भाग लेने के योग्य हैं।

ध्वजारोहण समारोह में भारी तादाद में पहुंचे रूसी खिलाड़ी
रियो डि जिनेरियो (भाषा)। डोपिंग प्रकरण के कारण अपनी ट्रैक और फील्ड टीम के रियो ओलंपिक से बाहर होने के मद्देनजर यहां अपने ध्वजारोहण समारोह में रूसी ओलंपियन भारी तादाद में एकजुटता दिखाने के लिए जमा हुए। दो बार की ग्रैंडस्लैम विजेता टेनिस स्टार स्वेतलाना कुजनेत्सोवा ने कहा कि यह दुखद है कि हमारे कुछ शीर्ष खिलाड़ी इन खेलों में भाग नहीं ले रहे हैं। खेलगांव में अपना झंडा फहराने के समय मौजूद रहना जरूरी था। इससे इस अहम समय में हमारे देश का मनोबल बढ़ेगा।

खेलगांव में डेनिश खिलाड़ियों का सामान चोरी
रियो डि जिनेरियो, 4 अगस्त (भाषा)। रियो ओलंपिक के खेलगांव में सुरक्षा व्यवस्था को एक और झटका लगा जब डेनमार्क के खिलाड़ियों ने कहा कि उनका सामान चोरी हो गया है जबकि आयोजकों ने उनसे सार्वजनिक माफी मांगी है। डेनमार्क के दल प्रमुख मोर्टिन रोडविट ने टीवी टू को बताया कि मोबाइल फोन, कपड़े और आइ पैड गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि खेलगांव में हमारी जरूरतों और अनुरोध के बाद कई अतिरिक्त कर्मचारी, सफाईकर्मी और हाउसकीपर लाए गए हैं लेकिन यहां सिलसिलेवार चोरियां हो रही हैं। फोन, आई पैड और चादरें तक चोरी हो गई हैं। डेनमार्क के दल ने 18 जुलाई को यहां आने के बाद से करीब 150 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा आस्ट्रेलियाई दल का लैपटॉप और टीम शर्ट चोरी हो गए हैं।

ध्वजवाहक बनने की चाहत नडाल को खींच लाई रियो
रियो डि जिनेरियो, चार अगस्त (एएफपी)। राफेल नडाल ने स्वीकार किया कि ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में दूसरी बार स्पेन का ध्वज लेकर चलने का मौका गंवाने के डर से वे बाईं कलाई चोटिल होने की आशंका के बावजूद रियो में खेलने के लिए आए। तीस वर्षीय नडाल को लंदन ओलंपिक 2012 में अपने देश की अगुवाई करनी थी लेकिन घुटने की चोट के कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए। उनकी जगह बास्केटबाल खिलाड़ी पाउ गासोल को ध्वजवाहक बनाया गया था। नडाल इस बार भी चोटिल थे जिसके कारण वे मई में फ्रेंच ओपन के बाद किसी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाए थे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेल सबसे महत्त्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता है। यह सबसे हटकर है। ध्वजवाहक होना एक और महत्त्वपूर्ण बात है। मैं लंदन में पहले ही मौका गंवा चुका था। लगातार दो बार मौका गंवाना बहुत मुश्किल होता और निश्चित तौर पर यहां खेलने का मेरा फैसला इससे प्रभावित था।

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