हिमांशु अग्निहोत्री। यौन उत्पीड़न के आरोपी और जमानत पर जेल से बाहर आए कर्नल (रिटायर्ड) तरसेम सिंह को भारतीय घुड़सवारी महासंघ ने कोच के रूप में जार्डन भेजा है। तरसेम सिंह के खिलाफ IPC की धारा 323, 354ए, 376 और 511 के तहत मामला दर्ज है, जिसकी सुनवाई सोनीपत कोर्ट में चल रही है।

अदालत ने तरसेम सिंह की जमानत याचिका पर 13 जनवरी को फैसला दिया था। तरसेम ने जमानत अर्जी में परिवार में महिला के कैंसर के इलाज का हवाला दिया था, जिस पर अदालत ने उनकी बेल 12 मार्च तक बढ़ा दी। तरसेम सिंह उस पांच सदस्यीय दल के सदस्य हैं, जिसे बिना खेल मंत्रालय की अनुमति के जार्डन भेजा गया है।

महासंघ का दावा- मंत्रालय को भेजा था ई-मेल

हालांकि, भारतीय घुड़सवारी महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष जगत सिंह का कहना है कि महासंघ ने दल भेजने से पहले खेल मंत्रालय को ई-मेल के जरिए सूचित कर दिया था। दल में तरसेम सिंह के अलावा खिलाड़ी गणेश बलिराम, संदीप कुमार, सिरसत घनराज और जितेंद्र कुमार शामिल हैं। जार्डन में 29 से 31 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय टेंट पेगिंग विश्व कप क्ववालिफायर का आयोजन होना है।

खेल मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र ने जनसत्ता को बताया कि अंतरराष्ट्रीय टेंट पेगिंग विश्व कप क्ववालिफायर में हिस्सा लेने के लिए गए सदस्यों की सूची घुड़सवारी महासंघ से नहीं मिली। खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है। महासंघ ने खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारी पर भेजा है। उन्होंने यह भी कहा कि महासंघ से संबंधित मामला अभी कोर्ट में है। इसमें हम अभी ज्यादा नहीं बोल सकते, लेकिन कोर्ट जब भी अपना फैसला देगा उसके बाद ही मंत्रालय महासंघ के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

तरसेम सिंह को पहले भी कई बार जमानत मिल चुकी है। तरसेम सिंह का कहना है कि महिला के माता-पिता नहीं हैं और न ही उनके घर में कोई ऐसा व्यक्ति है, जो कैंसर से पीड़ित महिला की देख-रेख और इलाज करा सके। कोर्ट ने इस हवाले के साथ जमानत को मंजूरी दी।

पहले ही लग चुका है खिलाड़ियों की अनदेखी का आरोप

भारतीय घुड़सवारी महासंघ पर इससे पहले भी खिलाड़ियों की अनदेखी का आरोप लग चुका है। महासंघ ने बिना ट्रायल के चार खिलाड़ियों को क्वालिफायर टूर्नामेंट के लिए चयनित कर लिया था। अन्य खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि ट्रायल के लिए जगह तय थी। घुड़सवार भी मौजूद थे, लेकिन बिना ट्रायल कराए ही चयन सूची तैयार कर ली गई। हालांकि, तब कार्यवाहक अध्यक्ष ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि चयनित सदस्यों की सूची खेल मंत्रालय को भेजी जा चुकी है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा, खेल मंत्रालय ने इसी बीच एक अलग मामले में लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक और नियमों के पालन में विफलताओं को लेकर भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

2022-2024 तक निलंबित थे तरसेम सिंह

ईएफआई की कार्यकारी समिति के सदस्य तरसेम ने कभी राष्ट्रीय टेंट पेगिंग चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लिया है। इससे पहले उन्हें प्रतिरूपण (असली पहचान छिपाकर या झूठी पहचान बनाकर फायदा उठाना) से संबंधित एक मामले में महासंघ ने 2022-2024 तक निलंबित कर दिया था। उनके चयन पर एक जूनियर राइडर के पिता ने आपत्ति जताई और इस संबंध में विश्व संस्था आईटीपीएफ को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने बताया कि सोनीपत में तरसेम सिंह वरैच के खिलाफ दो महिलाओं द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज है।