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आदित्य वर्मा ने श्रीनिवासन पर अदालत की अवमानना का लगाया आरोप

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण से जुड़े याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने दावा किया है कि बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने एशियाई क्रिकेट परिषद की बैठक में शामिल होकर अदालत की अवमानना की है। गैर मान्यता प्राप्त क्रिकेट एसोसियेशन ऑफ बिहार के सचिव वर्मा ने यह आरोप भी लगाया कि 18 नवंबर को कार्य समिति […]

Author November 16, 2014 14:06 pm
IPL Spot Fixing: बीसीसीआई और आईसीसी के पूर्व प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट में चल रही अवांछित चीजों का अंत होगा।

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण से जुड़े याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने दावा किया है कि बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने एशियाई क्रिकेट परिषद की बैठक में शामिल होकर अदालत की अवमानना की है।

गैर मान्यता प्राप्त क्रिकेट एसोसियेशन ऑफ बिहार के सचिव वर्मा ने यह आरोप भी लगाया कि 18 नवंबर को कार्य समिति की आपात बैठक बुलाने का बीसीसीआई का फैसला गैरकानूनी है।

वर्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा साफ तौर पर बताए जाने के बावजूद कि वह अगले आदेश तक बीसीसीआई के अध्यक्ष के तौर पर काम नहीं कर सकते, श्रीनिवासन सात नवंबर को दुबई में एशियाई क्रिकेट परिषद की बैठक के लिए बीसीसीआई के ‘अध्यक्ष’ के तौर पर गए और उसमें शामिल हुए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय पहले ही उनके खिलाफ मुद्गल समिति की एक नहीं बल्कि दो रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया प्रमाण पाए जाने का खुलासा कर चुका है। न्यायालय पहले ही उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग :आईपीएल: में सट्टेबाजी एवं मैच फिक्सिंग से जुड़े ‘कदाचार’ के लिए नोटिस दे चुका है।’’

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरूनाथ मयप्पन, राजस्थान रायल्स के सह मालिक राज कुन्द्रा और क्रिकेट प्रशासक सुन्दर रमण के नाम लिये जिनकी भूमिका की न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल समिति ने जांच की थी और जिसने अपनी रिपोर्ट में आईपीएल-6 प्रकरण में कुछ व्यक्तियों को उनके ‘अपराध’ के लिये ‘दोषी’ ठहराया है।

समिति ने आईपीएल में भ्रष्टाचार को लेकर कुल 13 लोगों की भूमिका की जांच की थी।

इन चारों को अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए नोटिस दिये जाएंगे। अगली सुनवाई 24 नवंबर को तय है।

 

 

 

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