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COA प्रमुख विनोद राय ने बताया, कैसा है महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के बीच का रिश्‍ता

राय ने इसी के साथ उन दावों को भी अफवाह बताया, जिसमें कहा गया था कि धोनी टीम के कॉन्ट्रैक्ट में ए प्लस श्रेणी से बाहर किए जा चुके हैं। सीओए प्रमुख ने इसके बजाय कहा कि दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी ने सुझाव दिया था कि शीर्ष श्रेणी में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों को शामिल किया जाना चाहिए।

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी। (फाइल फोटो)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वर्तमान कप्तान विराट कोहली के बीच किस प्रकार के रिश्ते हैं? अगर आप भी इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं तो आपको विनोद राय की बातें पढ़नी और जाननी चाहिए। वह कमेटी ऑफ एडमिस्ट्रेटर्स (सीओए) के मुखिया हैं। हाल ही में उन्होंने इन दो महान खिलाड़ियों के बीच के रिश्तों पर खुलासा किया है। धोनी-कोहली के रिश्ते की तारीफ करते हुए कहा है कि दोनों की दोस्ती असाधारण है। राय ने इसी के साथ उन दावों को भी अफवाह बताया, जिसमें कहा गया था कि धोनी टीम के कॉन्ट्रैक्ट में ए प्लस श्रेणी से बाहर किए जा चुके हैं। सीओए प्रमुख ने इसके बजाय कहा कि दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी ने सुझाव दिया था कि शीर्ष श्रेणी में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों को शामिल किया जाना चाहिए। पीटीआई से हुई बातचीत में राय ने कहा, “दोनों के बीच की दोस्ती बेहद खास है। धोनी-कोहली एक दूसरे का सम्मान करते हैं। कोहली धोनी की क्रिकेट कौशल की इज्जत करते हैं, जबकि विराट आज जो हासिल कर रहे हैं धोनी उसकी कद्र करते हैं।”

यहां तक कि कोहली ने सीओए को यह भी बताया कि वह क्यों सोचते हैं कि फिलहाल सीमित ओवर्स के मैच में धोनी को कोई भी रीप्लेस नहीं करता। राय के अनुसार, “कोहली को लगता है कि इस समय धोनी से बेहतरीन विकेटकीपर कोई नहीं है। खेल प्रबंधन और रणनीति को लेकर धोनी की सोच भी कोहली के लिए संपत्ति जैसी रही है। धोनी के भीतर कितना क्रिकेट बचा है, यह वक्त और उनका प्रदर्शन बताएगा।”

मार्च में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स में ए प्लस श्रेणी (7 करोड़ रुपए) की शुरुआत की थी, जिसमें सिर्फ पांच खिलाड़ी शामिल किए गए थे। कप्तान कोहली का नाम भी इन खिलाड़ियों की सूची में था, जबकि धोनी को ए श्रेणी (5 करोड़) में रखा गया था। सीओए के मुताबिक, “ए प्लस श्रेणी का प्रस्ताव खुद खिलाड़ियों ने ही पेश किया था। हमारी धोनी और कोहली से इस संबंध में बात हुई थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि इसके बजाय वर्ल्ड क्लास एक्सिलेंस वाली श्रेणी होनी चाहिए, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन होना चाहिए।”

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