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‘भारतीय होने के कारण मैंने इंग्लैंड में झेली हैं नस्लीय टिप्पणियां,’ पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर का झलका दर्द

फारुख इंजीनियर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह यह पूरी तरह से बेवकूफी है कि एक प्रधानमंत्री ऐसे मामलों में बयान दे रहे हैं। उसको (रॉबिन्सन) को सजा देकर ईसीबी ने सही किया है। उसने एक गलती की थी और उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए। यह निराश करने वाला है।’

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: June 9, 2021 12:19 PM
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने कहा है कि नस्लवाद को हमें जड़ से खत्म करना होगा।

भारत और लंकाशायर के पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर का कहना है कि नस्लवाद को जड़ से खत्म करना होगा, नहीं तो लोग हर तरह के कमेंट करते रहेंगे। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान भारतीय दिग्गज का वह दर्द भी झलका जब भारतीय होने के कारण उन पर नस्लवादी टिप्पणियां की गईं थीं। वह इंग्लैंड के युवा ऑलराउंडर ओली रॉबिनसन के पुराने नस्लीय ट्वीट्स के संदर्भ में यह बात कह रहे थे।

फारुख इंजीनियर ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की भी आलोचना की है। रॉबिनसन के निलंबित किए जाने पर बोरिस जॉनसन की ओर जारी कमेंट में कहा गया था कि जब उन्होंने (रॉबिनसन) ने ऐसी टिप्पणियां की थीं, तब वह बहुत छोटे थे। ऐसे में उन्हें पुरानी गलती के लिए इतनी बड़ी सजा नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, क्रिकेट बिरादरी की ओर से रॉबिनसन को पूरा समर्थन नहीं मिल रहा है। फारुख इंजीनियर ने कहा कि ओली रॉबिनसन ने जो गलती की है, उसे उसकी सजा भुगतनी ही होगी।

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह यह पूरी तरह से बेवकूफी है कि एक प्रधानमंत्री ऐसे मामलों में बयान दे रहे हैं। उसको (रॉबिन्सन) को सजा देकर ईसीबी ने सही किया है। उसने एक गलती की थी और उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए। यह निराश करने वाला है।’

उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच शर्म की बात है। जब आप कहते हैं कि तब वह किशोर था। जब उसने ट्वीट्स किए थे तब वह 18 साल का था। यह वह उम्र होती है, जिसमें एक व्यक्ति खुद जिम्मेदार होता है। अगर वह इन चीजों में आगे जाते तो चीजें और भी खराब होतीं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है तो लोग एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऐसी ही बातें करते रहेंगे। इसे जड़ से खत्म करना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि उन्हें जीवन भर के लिए प्रतिबंधित कर दें, लेकिन निश्चित रूप से उन्हें भारी जुर्माना दें, जो न सिर्फ उनके बटुए को नुकसान पहुंचाए बल्कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट से एक सीरीज या कुछ समय के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट से दूर करे। इस लेकर सख्त रहें।’

लंकाशायर के लिए 175 मैच खेलने वाले फारुख इंजीनियर ने कहा कि शुरुआती दिनों में उन पर नस्लीय टिप्पणियां हुईं थीं। उन्होंने कहा, ‘जब मैं पहली बार काउंटी क्रिकेट में गया तो लोगों ने सवाल उठाए कि अरे यह भारत से आया है। मैंने लंकाशायर में शामिल होने पर नस्लवादी टिप्पणियों का सामना किया। यह सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं भारत से था। इसका संबंध मेरे उच्चारण का मजाक बनाने से था। मुझे लगता है कि मेरी अंग्रेजी वास्तव में अधिकांश अंग्रेजों से बेहतर है, इसलिए जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि आप फारुख इंजीनियर के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं।’

बता दें कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस मामले में एक जांस समिति गठित की है। समिति की रिपोर्ट आने तक तक रॉबिनसन को इंटरनेशनल क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया है। 27 साल के इस ऑलराउंडर ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच से टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। डेब्यू के बाद से ही उनके करीब एक दशक पुराने ट्वीट्स सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इसके बाद ईसीबी ने यह एक्शन लिया।

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