सुरेश रैना के ‘मैं भी ब्राह्मण हूं’ बयान के बाद रवींद्र जडेजा ने कहा ‘Rajput Boy Forever’, लोगों ने दी नसीहत

सुरेश रैना के ब्राह्मण वाले बयान पर खासा विवाद खड़ा हुआ था। अभी वो विवाद थमा ही नहीं था कि भारत के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी ट्विटर पोस्ट के जरिए एक बयान दे डाला। जडेजा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘#RAJPUTBOY FOREVER. Jai hind’ ।

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सुरेश रैना के 'मैं भी ब्राह्मण हूं' बयान के बाद रवींद्र जडेजा ने कहा 'Rajput Boy Forever', लोगों ने दी नसीहत (Source: twitter)

हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर और सीएसके के दिग्गज खिलाड़ी सुरेश रैना के ब्राह्मण वाले बयान पर खासा विवाद खड़ा हुआ था। अभी वो विवाद थमा ही नहीं था कि भारत के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी ट्विटर पोस्ट के जरिए एक बयान दे डाला। जडेजा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘#RAJPUTBOY FOREVER. Jai hind’ । फिर क्या शुरू हो गया ट्विटर वॉर और कई लोग जडेजा को नसीहत भी दे रहे हैं।

जडेजा के इस ट्वीट के बाद कुछ लोग राजपूत होने का समर्थ कर रहे हैं तो कुछ लोग जडेजा से नाखुश हैं और उनको नसीहत भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘सर आप सभी के प्रेरणादायक हैं आपसे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं करते हम।’ तो एक ने लिखा की अपनी जाति पर अहम होना ठीक है लेकिन राष्ट्र से ऊपर कोई जाति नहीं। ऐसे कई कमेंट्स लोग लगातार कर रहे हैं।

भारतीय ऑलराउंडर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #RajputBoy ट्रेंड होने लगा है। ऐसे में हम कहे सकते हैं कि अभी रैना का विवाद थमा ही नहीं था कि जडेजा ने ये ट्वीट करके सोशल मीडिया यूजर्स को चर्चा का एक और विषय दे दिया है।


गौरतलब है कि सुरेश रैना ने ब्राह्मण वाला बयान तब दिया था जब उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) के पांचवें सीजन के शुरुआती मैच के दौरान कॉमेंट्री के लिए आमंत्रित किया गया था। इस मैच के दौरान एक कमेंटेटर ने रैना से पूछा, उन्होंने दक्षिण भारतीय संस्कृति को कैसे अपनाया है।

इसके जवाब में सुरेश रैना (Suresh Raina) ने कहा था कि, ‘मुझे लगता है, मैं भी ब्राह्मण हूं। मैं 2004 से चेन्नई में खेल रहा हूं। मुझे यहां कि संस्कृति से प्यार है। मैं अपने साथियों से प्यार करता हूं। मैं अनिरुद्ध श्रीकांत के साथ खेल चुका हूं। बद्री (सुब्रमण्यम बद्रीनाथ), बाला भाई (एल बालाजी) भी हैं। मुझे लगता है कि आपको वहां से कुछ अच्छा सीखने की जरूरत है। मुझे चेन्नई की संस्कृति पसंद है। मैं भाग्यशाली हूं कि मैं सीएसके का हिस्सा हूं।’

दोनों भारतीय दिग्गजों के अपनी जाति को लेकर दिए गए बयान से सोशल मीडिया पर जातिवाद का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। दोनों को कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं तो कुछ जाति से बढ़कर राष्ट्र होने की नसीहत भी दे रहे हैं।

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