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रवि शास्त्री ने कहा: ‘समय आ गया है भारत विदेशी सरजमीं पर टेस्ट जीते’

टीम निदेशक रवि शास्त्री ने कहा है कि भारतीय टीम के सीखने का दौर खत्म हो गया है और समय आ गया है कि खिलाड़ी 20 विकेट चटकाने का तरीका ढूंढकर विदेशों में टेस्ट मैच जीतना शुरू करें।

Author August 10, 2015 10:00 PM
टीम निदेशक रवि शास्त्री ने कहा है कि भारतीय टीम के सीखने का दौर खत्म हो गया है और समय आ गया है कि खिलाड़ी 20 विकेट चटकाने का तरीका ढूंढकर विदेशों में टेस्ट मैच जीतना शुरू करें। (फोटो: फेसबुक)

टीम निदेशक रवि शास्त्री ने कहा है कि भारतीय टीम के सीखने का दौर खत्म हो गया है और समय आ गया है कि खिलाड़ी 20 विकेट चटकाने का तरीका ढूंढकर विदेशों में टेस्ट मैच जीतना शुरू करें।

बुधवार को जब पहला टेस्ट शुरू होगा तो भारतीय टीम श्रीलंकाई सरजमीं पर दो दशक से भी अधिक समय में पहली श्रृंखला जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।

शास्त्री ने कहा, ‘‘आप क्रिकेट मैदान पर मैच को ड्रा कराने के लिए नहीं आते। आप ऐसा क्रिकेट खेलते हैं जहां आप खेल को आगे ले जाना चाहते हैं और 20 विकेट लेने की कोशिश करते हैं, यही सबसे अहम है। आपको सोचना होगा कि मैच को आगे बढ़ाने और जीतने के लिए आप कैसे 20 विकेट ले सकते हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैच जीतना शुरू करना काफी महत्वपूर्ण है। दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में वे सीखने के दौर से गुजरे हैं। उन्होंने विदेशों में काफी क्रिकेट खेला है और यह अनुभव निश्चित तौर पर उस समय काम आएगा जब वे दोबारा उन हालात में खेलेंगे जिनसे वह परिचित हैं।’’

शास्त्री ने पांच गेंदबाजों के साथ उतरने की कप्तान विराट कोहली की रणनीति का भी समर्थन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘एक अतिरिक्त गेंदबाज शायद आपको उन मैचों को खत्म करने में मदद कर सकता है जिन्होंने आप पहले खत्म नहंी कर पाए। यह अधिक रन बनाने का मामला नहीं है लेकिन 20 विकेट चटकाने का है। इंग्लैंड को एशेज में देखिए। गेंदबाजी में उनकी गहराई ने सारा अंतर पैदा किया।’’

भारत ने श्रीलंका की सरजमीं पर पिछली श्रृंखला 1993 में जीती थी जब उसने तीन मैचों की श्रृंखला 1-0 से अपने नाम की थी। टीम इंडिया इसके बाद श्रीलंका में श्रृंखला जीतने के लिए जूझती रही लेकिन अब मेजबान टीम भी पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है जिससे कोहली की टीम के पास अच्छा मौका है।

शास्त्री ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अतीत में उनके पास कुछ काफी अच्छी टीमें रहीं और एक इकाई तथा एक टीम के रूप में वे काफी अच्छा खेले।’’

शास्त्री ने कहा कि यह श्रृंखला दो युवा टीमों के बीच अच्छी प्रतिस्पर्धा होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह यहां आने वाली भारत की सबसे युवा टीमों में से एक होगी। अगर आप इस टीम की औसत उम्र देखो तो यह 25-26 साल होगी। पिछले 15 साल में यहां आने वाली टीमों के साथ ऐसा नहीं था। यह काफी युवा टीम भी है। श्रीलंका की टीम भी युवा है लेकिन आप घरेलू हालात में इसकी भरपाई कर सकते हो। यह युवा बना युवा होगा और यह रोमांचक होगा।’’

रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा के मामले में शास्त्री ने कहा कि रोहित अंतिम एकादश में जगह बनाने का दावेदार है।

उन्होंने कहा, ‘‘वह स्तरीय खिलाड़ी है। यह सिर्फ क्रीज पर समय बिताने और शुरूआत करने का मामला है और फिर हमें पता है कि वह क्या कर सकता है। यह उसके लिए सही स्थान होगा क्योंकि उसके पास पलटवार करने की क्षमता है।’’

पुजारा के संदर्भ में शास्त्री ने कहा, ‘‘अगर पुजारा टीम के सर्वश्रेष्ठ पांच बल्लेबाजों में शामिल रहेगा तो वह खेलेगा अगर नहीं तो फिर नहीं खेलेगा। मुझे यकीन है कि वह वापसी करेगा विशेषकर तब जब हम सिर्फ चार गेंदबाजों के साथ खेलेंगे।’’

पांच गेंदबाजों के साथ उतरने की रणनीति निचले क्रम पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डाल देगी और सभी की नजरें छठे नंबर पर उतरने वाले रिद्धिमान साहा पर होगी। बंगाल का यह विकेटकीपर अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म में नहीं है और यह श्रृंखला से पहले टीम के लिए चिंता की बात हो सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘साहा काफी अच्छा खिलाड़ी है और वह भले ही जल्द आउट हो जाए लेकिन उसमें रन बनाने की क्षमता है। उसने सिडनी में टेस्ट मैच बचाने के लिए दूसरी पारी में काफी अच्छी बल्लेबाजी की। उसे जब भी मौका मिला वह क्रीज पर अच्छा लगा। यह शुरूआत को बड़े स्कोर में बदलने और खुद को यह विश्वास दिलाने पर निर्भर करता है कि वह प्रदर्शन कर सकता है।’’

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