जम्मू-कश्मीर के स्टार पेसर आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी के हर नॉकआउट मैच में 5 विकेट झटके हैं। पिछले साल पुणे में केरल के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 5 विकेट झटके थे। जम्मू-कश्मीर पहली पारी में 1 रन से बढ़त बनाने से चूक गया था। अब 28 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर ने खिताब जीत लिया है। हुबली में कर्नाटक के खिलाफ नबी ने शानदार गेंदबाजी की। 29 साल के तेज गेंदबाज ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और भारतीय टीम के चयनकर्ताओं की घंटी बजा दी है।
जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी का पहला खिताब जीता है और इतिहास रचा है। इससे एक पहले शुक्रवार (27 फरवरी) से भारत का नेशनल मीडिया आकिब नबी के होमटाउन में डेरा डाले हुए है, लेकिन स्थानीय प्रेस कुछ सीजन पहले ही आकिब के अब्बू ने बात की थी और कहा था,’मेरा नेचू इंडिया खेलके आएगा, आप लिखो।’
‘मेरा नेचू इंडिया खेलेगा’
स्कूल में आकिब के अच्छे नंबर आते थे। इसे देखकर उनके अब्बू ने उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। केरल में धमाल मचाने के बाद आकिब ने पुणे में द इंडियन एक्सप्रेस से कहा था,’शुरू में वे क्रिकेट के खिलाफ थे और डांटते थे क्योंकि मैं पढ़ाई में अच्छा था।’ उन्होंने आगे कहा कि मेडिसिन की पढ़ाई करने की बात चल रही थी। जब आकिब ने सौराष्ट्र के खिलाफ 100 रन बनाए तो प्रेस उनके घर आ गई। उनके अब्बू का मन बदल गया। मैनेजर हिलाल अहमद ने बताया, उन्होंने मीडिया से कहा मेरा नेचू (बेटा) इंडिया खेलेगा। आप लिखो।’
दो रणजी में 104 विकेट
कश्मीर घाटी के बारामूला में आकिब टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए। वह ऐसे मैदानों पर खेलते थे जहां तेज गेंदबाज स्पाइक्स का इस्तेमाल नहीं करते थे। उन्होंने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया, लेकिन लेदर की गेंद से गेंदबाजी करना नहीं जानते थे। पिछले तीन सालों में उन्होंने अपनी कला निखारी है। उन्होंने पिछले सीजन 44 विकेट लेने पर कहा था, ‘हमने कभी हार्ड बॉल नहीं खेली। ग्राउंड स्पाइक्स लगाने के लिए काफी अच्छा नहीं था। सिर्फ टेनिस बॉल। रेड बॉल माइंडसेट में समय लगा। अब हमने बहुत सारा रेड बॉल क्रिकेट खेला है। यही बदलाव है।’ रणजी में दो साल उन्होंने 104 विकेट लिए हैं। उन्होंने 12 बार 5-5 विकेट लिए हैं। हर बार 6 विकेट लिए हैं।
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