रणजी ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल 24 फरवरी से कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच हुबली के राजनगर में केएससीए स्टेडियम में खेला जाएगा। बेंगलुरु के एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम को मेजबानी नहीं दी गई है। जम्मू-कश्मीर ने बुधवार (18 फरवरी) को 6 विकेट से बंगाल को हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई।
लखनऊ में उत्तराखंड के खिलाफ कर्नाटक ने 802 रनों की बड़ी बढ़त बना ली और पहली पारी में बढ़त के आधार पर उसका फाइनल खेलना तय है। पीटीआई से नाम न जाहिर करने की शर्त पर कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA)के पदाधिकारी ने कहा, ‘कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच पांच दिन का फाइनल मैच 24 फरवरी से राजनगर के हुबली में केएससीए स्टेडियम में खेला जाएगा।’
चिन्नास्वामी स्टेडियम को अनुमति
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम को कर्नाटक राज्य कैबिनेट से घरेलू, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी कराने की सशर्त मंजूरी मिली है। पिछले साल 4 जून से इस स्टेडियम पर प्रतिबंध लगा था। केएससीए मैनेजमेंट शायद रणजी फाइनल मैच बगैर किसी दिक्कत के कराना चाहता था। साथ ही सरकारी दफ्तरों के कहने पर चिन्नास्वामी में सुरक्षा का पुख्ता करने का काम भी जारी रखना चाहता था।
हुबली को क्यों मिली मेजबानी
हुबली मशहूर क्रिकेट सेंटर है, लेकिन काफी दूर स्थित है। यहां मैच कराने का फैसला केएससीए के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद के विजन के कारण भी लिया गया है। वह इस खेल को राज्य के अलग-अलग कोनों तक ले जाना चाहते हैं। केएससीए अध्यक्ष का पद संभालते समय प्रसाद ने पूरे कर्नाटक में क्रिकेट के बुनियादी ढाचा को बेहतर करने की बात कही थी। दूरदराज के सेंटर्स पर भी बेहतर सुविधा देने की बात कही थी। अपनी बात पर खरे उतरते हुए वेंकटेश प्रसाद और उनकी टीम ने हाल ही में राज्य भर के कई सेंटर्स का दौरा किया ताकि जरूरी विकास कामों का अंदाजा लगाया जा सके।
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