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58 शतक और 171 अर्धशतक लगाने वाले दक्षिण अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास, सेंचुरियन में मिली हार के बाद की घोषणा

क्विंटन डी कॉक ने सेंचुरियन टेस्ट में भारत से मिली हार के बाद अचानक टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहे दिया। उन्होंने 7 साल के अपने छोटे करियर में 51 मैच खेलने के बाद ये फैसला लिया।

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क्विंटन डी कॉक ने 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था (सोर्स- ट्विटर, SA Cricket Magazine)

दक्षिण अफ्रीका के लिए 51 टेस्ट मैच खेलने के बाद ही 29 वर्षीय स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहे दिया है। सेंचुरियन में भारत से पहली बार टेस्ट मैच हारने के कुछ ही घंटों बाद डी कॉक ने अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए ये निर्णय लेने की बात कही।

2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले क्विंटन डी कॉक ने 2021 दिसंबर में भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच खेला। उन्होंने अपने छोटे करियर में 51 मैचों की 91 पारियों में 3300 रन बनाए। उनके नाम 6 टेस्ट शतक और 22 अर्धशतक भी शामिल हैं। 141 रन नाबाद उनका सर्वोच्च टेस्ट स्कोर रहा।

उन्होंने टेस्ट से संन्यास लेने के बाद अपने बयान में कहा कि,”इस फैसले तक पहुंचना मेरे लिए आसान नहीं था। मैं काफी समय तक अपने भविष्य को लेकर सोचता रहा। मैं और साशा (उनकी पत्नी) जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं। हमारा परिवार बढ़ने वाला है। मेरा परिवार मेरे लिए सब कुछ है। मैं अब उनको और ज्यादा समय देना चाहता हूं।”

विकेटकीपर बल्लेबाज ने आगे कहा कि,”जिंदगी में आप सब कुछ खरीद सकते हो लेकिन वक्त नहीं खरीद सकते। मेरे मुताबिक सही फैसला लेने के लिए ये ही सही वक्त है। मैं टेस्ट क्रिकेट को काफी पसंद करता हूं और देश के लिए खेलना भी मेरे लिए गौरव की बात है। लेकिन अब मेरे पास कुछ ऐसा है (परिवार) जिसे मैं इससे ज्यादा पसंद करता हूं।”

व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलते रहेंगे डी कॉक

क्विंटन डी कॉक ने अपने बयान में ये स्पष्ट कर दिया है कि वे सिर्फ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। वे व्हाइट बॉल क्रिकेट में अभी भी अपने देश के लिए खेलते रहेंगे। उन्होंने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए ये भी साफ किया कि,”ये मेरे करियर का अंत नहीं है। मैं व्हाइट बॉल क्रिकेट के लिए अभी भी समर्पित हूं और अपने देश का प्रतिनिधित्व करुंगा।”

उनके इस फैसले पर क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) के कार्यकारी सीईओ फोलेट्सी मोसेकी ने कहा कि,”क्विंटन जैसे प्लेयर का जाना हमारे लिए दुखद है लेकिन जैसा कि उन्होंने कहा सीएसए में परिवार हमारे लिए सब कुछ है। मैं उनको और साशा को माता-पिता बनने के लिए शुभकामनाएं देता हूं। आशा करता हूं व्हाइट बॉल क्रिकेट में वे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते नजर आएंगे।”

डी कॉक के करियर पर एक नजर

क्विंटन डी कॉक ने 2012 में टी20 से दक्षिण अफ्रीका के लिए डेब्यू किया था। वे इसके बाद तीनों फॉर्मेट में प्रोटीज के अहम बल्लेबाज बन गए। उन्होंने पूरे करियर में अभी तक फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए समेत कुल 29000 से अधिक रन बनाए हैं। इसमें उनके नाम 58 शतक और 171 अर्धशतक शामिल हैं।

इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो टेस्ट में 3300 रन के अलावा 124 वनडे में उनके नाम 5355 रन और 61 टी20 में 1827 रन दर्ज हैं। वनडे क्रिकेट में 16 शतक और 26 अर्धशतक भी उन्होंने लगाए हैं। टी20 क्रिकेट में भी 11 बार उन्होंने 50 रनों का आंकड़ा छुआ है। वे एक आतिशी बल्लेबाज हैं और ओवरऑल टी20 में उनका स्ट्राइक रेट 137 से भी ज्यादा का है।

आईपीएल में भी डी कॉक का अभी तक शानदार प्रदर्शन रहा है। वे आरसीबी, दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस का अहम हिस्सा रहे हैं। उनके नाम 77 आईपीएल मैचों में 2256 रन दर्ज हैं। जिसमें एक शतक और 16 अर्धशतक भी शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 130.93 का रहा है।

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