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सुपर सिंधू को मलेशिया मास्टर्स का खिताब

भारतीय शटलर पीवी सिंधू ने अपनी शानदार फार्म जारी रखते हुए रविवार को यहां स्काटलैंड की क्रिस्टी गिलमर को सीधे गेम में हराकर मलेशिया मास्टर्स ग्रां प्री गोल्ड का खिताब जीतने के साथ नए सत्र की शानदार शुरुआत की।

पेनांग (मलेशिया) | January 25, 2016 1:21 AM
सिंधू का यह मलेशिया मास्टर्स ग्रां प्री गोल्ड में दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2013 में भी यहां जीत दर्ज की थी।

भारतीय शटलर पीवी सिंधू ने अपनी शानदार फार्म जारी रखते हुए रविवार को यहां स्काटलैंड की क्रिस्टी गिलमर को सीधे गेम में हराकर मलेशिया मास्टर्स ग्रां प्री गोल्ड का खिताब जीतने के साथ नए सत्र की शानदार शुरुआत की। विश्व चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीतने वाली तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने शुरू से दबदबा बनाए रखकर 32 मिनट तक चले मुकाबले में 21-15, 21-9 से जीत दर्ज करके अपना पांचवां ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता। सिंधू इससे पहले गिलमर के खिलाफ 2013 के फ्रेंच ओपन में खेली थी जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस बार उन्होंने आसानी से उसका बदला चुकता करके साबित किया कि आखिर उन्हें महिला एकल में भारत की दमदार खिलाड़ी क्यों माना जाता है।

सिंधू का यह मलेशिया मास्टर्स ग्रां प्री गोल्ड में दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2013 में भी यहां जीत दर्ज की थी। उन्होंने पिछले साल नवंबर में मकाऊ ओपन ग्रां प्री गोल्ड में खिताबी हैट्रिक पूरी की थी। सिंधू ने जीत के बाद कहा कि यह बहुत अच्छी जीत और मेरे लिए सत्र की शानदार शुरुआत है। मैं अच्छा खेल रही हूं और मैं फाइनल से पहले जीत के प्रति आश्वस्त थी। असल में सेमीफाइनल का मैच कड़ा था और इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने कहा कि मैंने उम्मीद नहीं की थी कि फाइनल इतना आसान होगा। मैं इससे पहले उसके खिलाफ 2013 में खेली थी लेकिन वह अलग तरह का मैच था और अब मैं एक खिलाड़ी के रूप में काफी बदल चुकी हूं। मैंने बढ़त हासिल की और इसके बाद भी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती और आखिर में यह एकतरफा मुकाबला बन गया।

इस टूर्नामेंट से पहले प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) में सिंधू का अजेय अभियान रहा था। वे गिलमर के खिलाफ शुरू से ही हावी हो गईं। उन्होंने कोर्ट को अच्छी तरह से कवर किया और गलतियां भी कम की। पहले गेम में सिंधू ने शुरू में ही 5-2 की बढ़त बनाई और इसके बाद अपनी शानदार रणनीति से बढ़त हासिल करना जारी रखा। उनके पास एक समय 12-6 की मजबूत बढ़त थी जो कुछ देर बाद 18-10 हो गई। दूसरी तरफ स्काटिश शटलर ने लगातार चार अंक बनाए लेकिन वे किसी भी समय सिंधू को चुनौती नहीं दे पाईं जिन्होंने बिना किसी खास प्रयास के पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी सिंधू ने 5-2 की बढ़त से शुरुआत की लेकिन गिलमर जल्द ही बराबरी पर आ गई। सिंधू ने इसके बाद बेहतरीन खेल का नजारा पेश किया और वे पहले 9-5 और फिर 16-5 से आगे हो गईं। गिलमर ने बाद में कुछ कोशिश की लेकिन इससे वे सिर्फ हार का अंतर ही कम कर पाईं।

भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) अध्यक्ष अखिलेश दासगुप्ता ने सिंधू को पांच लाख रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। बाई ने कहा कि मैं इस शानदार जीत के लिए उसे बधाई देना चाहता हूं। उसने 2013 में यह खिताब जीता था और इस बार दोबारा यह खिताब जीतने के लिए उत्सुक थी और उसने यह कर दिखाया। मुझे उस पर गर्व है और भविष्य में ऐसे और टूर्नामेंट जीतने के लिए उसे शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि यह जीत उस समय मिली है जब जीतना और फार्म में रहना रियो ओलंपिक को देखते हुए महत्त्वपूर्ण है। मुझे यकीन है कि आगामी प्रतियोगिताओं में उसे हराना आसान नहीं होगा।

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