पीवी सिंधु ने रविवार (19 जुलाई) को दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी अकाने यामागुची को हराकर 19 महीने का इंतजार खत्म करते हुए विदेशी सरजमीं पर खिताब जीता। वह जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गईं। शुरुआती गेम में जापानी खिलाड़ी से पीछे होने के बाद सिंधु ने वापसी करते हुए 21-14, 21-17 से टाइटल जीता।

दिसंबर 2024 में भारत में सैयद मोदी इंटरनेशनल टाइटल जीतने के बाद यह पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पहली बार खिताब जीती है। वह पहली बार सुपर 750 सीरीज और 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप टाइटल जीतने के सात साल कोई बड़ा खिताब जीती हैं। 31 साल की पीवी सिंधु ने सेमीफाइनल में घायल चेन यूफेई को हराया था। वह अपने करियर में 30वीं बार यामागुची से भिड़ रही थीं।

सिंधु बनाम यामागुची

यामागुची इस साल मलेशिया में एक सेट से पीछे के बाद रिटायर हो गई थीं, लेकिन सिंधु के खिलाफ पिछले 10 पूरे हुए मैचों में से 7 में जीत दर्ज की थी। जापान ओपन के फाइनल में सिंधु ने लगातार आक्रमण के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन और अहम पलों में संयम बनाए रखते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची को हराया। भारतीय खिलाड़ी ने जापानी खिलाड़ी के खिलाफ बढ़त को 16-14 कर लिया।

सिंधु ने यामागुची से लिया बदला

सिंधु ने इससे पहले 2018 में वर्ल्ड टूर फाइनल्स जीता था। 2016 में चीन ओपन जीता था। यामागुची ने उन्हें 2019 में इंडोनेशिया सुपर 1000 फाइनल और 2019 में सुपर सीरीज फाइनल सहित कुछ बड़े मौकों पर खिताब नहीं जीतने दिया। सिंधु अगले महीने दिल्ली में शुरू होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की अगुआई करेंगी।

पीवी सिंधु ने सिर्फ 35 मिनट में दुनिया की 5वें नंबर की शटलर को हराया

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 के प्री-क्वार्टर फाइनल में दुनिया की 5वें नंबर की खिलाड़ी हान यू को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पीवी सिंधु का अब अगला मुकाबला जापान की नोजोमी ओकुहारा से होगा। टूर्नामेंट में अब भारतीय चुनौती के नाम पर पीवी सिंधु ही हैं। पूरी खबर पढ़ें