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पीवी सिंधु अंपायर के गलत फैसले के कारण सेमीफाइनल हारीं? स्टार शटलर बोलीं- मुख्य रेफरी ने भी नहीं लिया कोई एक्शन; देखें Video

पीवी सिंधु पहला गेम जीतने के बाद दूसरे गेम में जब 14-11 से आगे थीं तब उन पर सर्विस करते हुए बहुत अधिक समय लेने के लिए एक अंक की पेनल्टी लगाई गई। इसके बाद उनकी लय गड़बड़ा गई।

पीवी सिंधु अंपायर के गलत फैसले के कारण सेमीफाइनल हारीं? स्टार शटलर बोलीं- मुख्य रेफरी ने भी नहीं लिया कोई एक्शन; देखें Video
पुसरला वी सिंधु ने चीन की हे बिंग जिओ को हराकर बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2022 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। (सोर्स- https://bwfbadminton.com/)

भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु की आंखों में तब आंसू आ गए जब अंपायर के ‘अनुचित’ फैसले के कारण उनकी लय गड़बड़ा गई और उनका एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप (बीएसी) जीतने का सपना चकनाचूर हो गया। पीवी सिंधु को फिलीपींस के मनीला में 30 अप्रैल 2022 को खेले गए टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच में जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ हार झेलनी पड़ी।

पीवी सिंधु पहला गेम जीतने के बाद दूसरे गेम में जब 14-11 से आगे थीं तब उन पर सर्विस करते हुए बहुत अधिक समय लेने के लिए एक अंक की ‘पेनल्टी’ लगाई गई। इसके बाद हैदराबाद की इस 26 साल की खिलाड़ी की लय गड़बड़ा गई। आखिर में वह 21-13, 19-21, 16-21 से मैच हार गईं। इस तरह से उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। सिंधु का एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में यह दूसरा पदक है।

सिंधु ने शनिवार को मैच के बाद कहा, ‘अंपायर ने मुझसे कहा कि आप बहुत समय ले रही हो। हालांकि, सच यह था कि विपक्षी खिलाड़ी उस समय तैयार नहीं थी। फिर अंपायर ने अचानक उसे अंक दे दिया। यह वास्तव में अनुचित था। मुझे लगता है कि यह मेरी हार का एक कारण था।’

उन्होंने कहा, ‘मेरा कहने का मतलब है मुझे ऐसा लगता है, क्योंकि उस समय स्कोर 14-11 था और वह 15-11 हो सकता था, लेकिन इसके बजाय यह 14-12 हो गया। इसके बाद उसने लगातार अंक बनाए। मुझे लगता है कि यह बहुत अनुचित था। हो सकता था कि मैं मैच जीत जाती और फाइनल में खेलती।’

सिंधु ने कहा, ‘मैंने मुख्य रेफरी से बात की, वह आये और उन्होंने कहा कि फैसला पहले ही हो चुका है। मुख्य रेफरी के रूप में आपको कम से कम यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि गलती क्या थी। उन्हें रीप्ले देखकर इसको लेकर फैसला करना चाहिए था।’

सिंधु के पिता पीवी रमना ने कहा कि सिंधु इस फैसले से बेहद निराश है। रमना ने पीटीआई से कहा, ‘उसे इस बार स्वर्ण जीतने का भरोसा था, इसलिए वह बहुत निराश है। जब उसने मुझसे बात की तो वह रो रही थी लेकिन मैंने उससे कहा कि जो हो गया उसे भूल जाओ।’

पीवी सिंधु को मुख्य रेफरी के साथ चर्चा करते हुए भी देखा गया। नीचे आप भी उस वीडियो को देख सकते हैं। रमना ने कहा, ‘अंपायर ने जो किया वह सही नहीं था, अगर वह देरी कर रही थी तो पहले उसे पीला कार्ड दिखाकर चेतावनी दी जानी चाहिए थी। कम से कम एक अंक से दंडित किए जाने पर उसे लाल कार्ड दिखाते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।’

कयास लगाए जा रहे थे कि सिंधु कांस्य पदक स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि उन्होंने पदक समारोह में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, पीवी सिंधु ने पदक के साथ तस्वीर ट्वीट करके इन अटकलबाजियों पर विराम लगा दिया। पीवी सिंधु ने ट्वीट में लिखा, ‘पीड़ादायक अभियान के आखिर में पदक हमेशा विशेष होता है। यह इससे बेहतर हो सकता था। अब निगाह अगली प्रतियोगिता पर है।’

रमना ने स्पष्ट किया कि पदक वितरण समारोह में उपस्थित नहीं हो पाने के लिए अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। उन्होंने कहा, ‘ऐसा कुछ नहीं है कि वह पदक स्वीकार नहीं करती। उसे स्वदेश के लिए उड़ान पकड़नी थी, इसलिए उसने अधिकारियों से अनुमति ली थी।’

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