एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान का अंत पीवी सिंधु ने एक ऐसी हार के साथ किया, जिसे वह आसानी से भुला नहीं पा रही हैं। क्वार्टर फाइनल में जीत से महज तीन अंक दूर रह गईं पीवी सिंधु के लिए सबसे ज्यादा तकलीफ उन्हीं पलों की है, जब लंबे और थकाऊ रैलियों के बीच मैच उनके हाथ से निकल गया।

एशियन गेम्स में महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा से बाहर होने के बाद भारतीय स्टार ने सोशल मीडिया पर अपने मन की बात साझा की। पीवी सिंधु ने लिखा, ‘‘मुझे तकलीफ हो रही है, लेकिन यह ठीक है…।’’ पीवी सिंधु ने साथ ही साफ किया कि इस एक नतीजे से भारत के लिए 12 साल की उनकी एशियन गेम्स यात्रा को परिभाषित नहीं किया जा सकता।

एशियन गेम्स में मेरा सफर खत्म: पीवी सिंधु

पीवी सिंधु ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘‘मुझे इसे शब्दों में बयां करने के लिए थोड़ा समय चाहिए था। एशियन गेम्स में मेरा सफर खत्म हो गया है और मुझे इसका दुख है। क्वार्टर फाइनल में जीत से मैं सिर्फ तीन अंक दूर थी। मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं। चीन में भी ऐसा ही हुआ था, जब मैच के सबसे अहम पलों में लंबी और थकाने वाली रैलियों ने मैच का रुख बदल दिया। मेरे पास मौका था, लेकिन उसे हाथ से निकल जाने का दुख है।’’

18 घंटे में तीन मैच खेले: पीवी सिंधु

पीवी सिंधु ने लिखा, ‘‘18 घंटे में तीन मैच खेले। रात 3 बजे वापस पहुंची और सुबह 8:30 बजे फिर कोर्ट पर उतरना पड़ा। इसका असर तो हुआ, लेकिन जिस कैंप ने मुझे पूरा भरोसा दिया था, उसके बाद मैं इससे कहीं ज्यादा की उम्मीद कर रही थी। मैं और मेरी टीम पहले ही उन अहम पलों में मैच को बेहतर तरीके से खत्म करने पर काम कर रहे हैं। हम इसे ठीक करेंगे।’’

पीवी सिंधु ने लिखा, ‘‘मुझे दुख हो रहा है, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी मेरे लिए इतना मायने रखता है कि इसकी वजह से मुझे इतनी तकलीफ हो रही है। मैं अब भी यही चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर अपना सब कुछ देती हूं। यही अहसास मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत देता है।’’

पीवी सिंधु को अपने सफर पर है गर्व

पीवी सिंधु ने लिखा, ‘‘इस सफर पर गर्व करने की भी वजह है। साल 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब चौथे एशियन गेम्स तक, मैंने भारत के लिए 12 साल अपना सब कुछ दिया है। मैं इस सफर को भी महसूस करना चाहती हूं। एक नतीजा, भले ही यह कितना भी दुख देने वाला क्यों न हो, उस सफर को परिभाषित नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’’

अंतिम में सभी समर्थकों का शुक्रिया अदा करते हुए पीवी सिंधु ने लिखा, ‘‘उन सभी लोगों का शुक्रिया, जो देर रात तक जागे, मेरा हौसला बढ़ाया और मुझ पर भरोसा किया। मैं भी चाहती थी कि वे आखिरी तीन अंक हमारे लिए हों। मेरे साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद। मैं फिर वापसी करूंगी।’’

Asian Games: भारत ने 9वें दिन एथलेटिक्स में झटके 5 पदक, लेकिन स्वर्ण का इंतजार जारी, यहां देखें पदक तालिका

एशियाई खेलों के 9वें दिन भारत ने एथलेटिक्स में पांच पदक अपनी झोली में डाले। डेकाथलीट तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में और 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीता। इससे भारत के एथलेटिक्स में कुल पदकों की संख्या 13 हो गई। (पूरी पदक तालिका देखने के लिए क्लिक करें)