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भारत में पहला पेशेवर मुक्केबाजी मुकाबला आज

विश्व मुक्केबाजी संघ (डब्लूबीए) के अधिकारियों की निगरानी में ये मुकाबले होंगे। डब्लूबीए चार अंतरराष्ट्रीय महासंघों में से है जो पेशेवर मुक्केबाजी में टाइटल मुकाबले को मंजूरी देता है।

Author नई दिल्ली | February 19, 2016 11:53 PM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

भारत को पेशेवर मुक्केबाजी को बढ़ावा देने की कवायद में डब्लूबीए ने भारतीय मुक्केबाजी परिषद के तत्वावधान में पहली पेशेवर फाइट शनिवार को सिरी फोर्ट खेल परिसर में होगा। इसके तहत छह मुकाबले होंगे जिसमें राष्ट्रीय स्तर के भारतीय मुक्केबाज भाग लेंगे। विश्व मुक्केबाजी संघ (डब्लूबीए) के अधिकारियों की निगरानी में ये मुकाबले होंगे। डब्लूबीए चार अंतरराष्ट्रीय महासंघों में से है जो पेशेवर मुक्केबाजी में टाइटल मुकाबले को मंजूरी देता है। चार दौर के मुकाबले में सिद्धार्थ वर्मा व देवदर्शन (सुपर वेल्टरवेट), गनगप्रीत व संदीप (सुपर मिडिलवेट), मनोज ग्रेवाल व सुमित रांगी (क्रूसरवेट), प्रदीप व मुनीश शर्मा (वेल्टरवेट) और सचिन भोत व पुष्कर भोंसले (फेदरवेट) भाग लेंगे। भारतीय मुक्केबाजी परिषद (आइबीसी) के अध्यक्ष ब्रिगेडियर पीएमके राजा ने यह जानकारी दी।

डब्लूबीए के क्षेत्रीय विकास सलाहकार स्टानले क्रिस्टोडोलू ने कहा कि भारत पेशेवर सर्किट में बहुत प्रगति करेगा। आइबीसी जिस तरह से पेशेवर मुक्केबाजी को बढ़ावा दे रहा है, हम उससे काफी प्रभावित है। उन्होंने कहा कि यह भारत को पेशेवर मुक्केबाजी में महाशक्ति बनाने की दिशा में पहला कदम है। हम आइबीसी को तकनीकी मार्गदर्शन के जरिएसहयोग देते रहेंगे। उम्मीद है कि इन मुकाबलों से भविष्य के लिये विश्व चैंपियन निकलेंगे। डब्लूबीए के दल में यूरोपीय समन्वयक मरियाना बोरिसोवा और मेडिकल आयोग के सदस्य डाक्टर जान हार्टले फ्लेमिंग शामिल थे जिन्होंने आइबीसी के तकनीकी अधिकारियों के लिए एक सेमिनार भी किया।

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