scorecardresearch

भाई-भतीजावाद खत्म हुआ तो खेल के मैदानों पर लहराने लगा तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर बोले पीएम नरेंद्र मोदी

PM Narendra Modi Independence Day Speech: लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निष्पक्ष प्रक्रिया पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

भाई-भतीजावाद खत्म हुआ तो खेल के मैदानों पर लहराने लगा तिरंगा, स्वतंत्रता दिवस पर बोले पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीटीआई)

PM Narendra Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को खेल स्पर्धाओं में भारत की हालिया सफलता का श्रेय चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता लाने और भाई-भतीजावाद खत्म होने का असर दिखाई दे रहा है। इसी का नतीजा है कि दुनिया भर में खेल के मैदानों में तिरंगा लहरा रहा है और राष्ट्रगान गाया जा रहा है।

भारत के 76वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने हाल ही में समाप्त हुए खेल आयोजनों में देखा कि हमने अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसा तो नहीं था कि पहले प्रतिभाएं नहीं थीं। पहले चयन भाई-भतीजावाद से गुजरता था। वे खेल के मैदान तक तो पहुंच जाते थे, लेकिन जीत-हार से उन्हें कोई लेना-देना नहीं था।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब पारदर्शिता आई, योग्यता के आधार पर खिलाड़ियों का चयन होने लगा तो आज दुनिया भर में खेल के मैदान में भारत का तिरंगा लहराता है तथा राष्ट्रगान गाया जाता है।’ उन्होंने कहा कि भाई-भाई भतीजावाद से मुक्ति मिलती है तभी ऐसा होता है।

यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि खेलों में भाई-भतीजावाद को खत्म किया जाना चाहिए। इस साल की शुरुआत में गुजरात सरकार की ओर से आयोजित वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘खेल महाकुंभ’ के 11वें संस्करण में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी यह अब बीते दिनों की बात है।

उन्होंने कहा था, ‘राजनीति में भाई-भतीजावाद की तरह, खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी थी। यह एक बहुत बड़ा कारक था जिसके कारण हमारे खिलाड़ियों की प्रतिभा बर्बाद हुई।’

उन्होंने कहा था, ‘वे (खिलाड़ी) इस तरह की कठिनाइयों के खिलाफ जीवन भर संघर्ष करते रहे। लेकिन अब स्थिति बदल गई है और हमारे खिलाड़ी आसमान छू रहे हैं। स्वर्ण और रजत पदकों की चमक हमारे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा रही है।’

टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक में भारत के शानदार प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने कहा था, ‘यह सिर्फ शुरुआत है क्योंकि भारत न तो थकेगा और न यहीं रुकेगा। वह दिन दूर नहीं जब हम कई स्वर्ण पदक जीतेंगे।’

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार यानी 13 अगस्त 2022 को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की तुलना भारत की स्वतंत्रता के क्रांतिवीरों से की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ी देश को सिर्फ एक पदक या गर्व करने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रमंडल खेलों में 61 पदक जीतकर लौटे भारतीय दल की अपने निवास पर मेजबानी की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों से कहा, ‘आप सभी बाकी क्षेत्रों में भी युवाओं को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। आप सभी देश को एक संकल्प, एक लक्ष्य के साथ जोड़ते हैं जो हमारी आजादी की लड़ाई की भी बहुत बड़ी ताकत थी। अनगिनत क्रांतिवीरों की भी धारा अलग थी, लेकिन लक्ष्य एक था। आप सभी का राज्य, जिला, गांव, भाषा कोई भी हो, लेकिन आप भारत के मान अभिमान के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं।’

पढें खेल (Khel News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.