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कोरोना से लड़ाई: 15 साल के गॉल्‍फर अर्जुन भाटी ने बेच दीं ट्रॉफियां, दादी दे चुकी हैं एक साल की पेंशन; नरेंद्र मोदी बोले- यही है संबल

15 साल के गॉल्फर अर्जुन भाटी इससे पहले भी पीएम केयर्स फंड में एक लाख रुपए दान कर चुके हैं। वे रुपए उन्होंने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान की जाने वाली शॉपिंग के लिए बचा कर रखे थे।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: April 8, 2020 12:27 PM
जीती हुई ट्रॉफियों के साथ 15 साल के गॉल्फर अर्जुन भाटी। (सोर्स- ट्विटर)

कोरोनावायरस के कारण दुनिया भर में जनजीवन अस्त व्यस्त है। भारत का हाल भी कुछ ऐसा ही है। लॉकडाउन के कारण लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। सारे काम-धंधे ठप हैं। इस कारण लोगों और देश को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद बहुत से लोग मदद के लिए आगे आए हैं। इसमें 10 साल तक के खिलाड़ी भी शामिल हैं। कुछ दिन पहले त्रिपुरा की रहने वाली 10 साल की चेस प्लेयर अर्शिया दास ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 हजार रुपए दान किए थे।

इस सूची में अब 15 साल के गॉल्फर अर्जुन भाटी का नाम भी जुड़ गया है। अर्जुन ने पिछले साल कैलिफॉर्निया में जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप जीती थी। उन्होंने मंगलवार को पीएम केयर्स फंड में 4 लाख 30 हजार रुपए दान किए। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार दोपहर 3 बजे के बाद अपने ट्विटंर हैंडल पर दी। अर्जुन का दान इसलिए और भी खास हो जाता है, क्योंकि उन्होंने 4 लाख 30 हजार रुपए पिछले 8 साल में जीती अपनी सारी ट्रॉफियों और मेडल को बेचकर दिए हैं।

अर्जुन ने ट्वीट किया, ‘जो देश-विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्रॉफी संकट के समय मैंने 102 लोगों को दे दीं। उनसे आए हुए कुल 4,30,000 रुपये पीएम-केयर्स फंड में देश की मदद को दिए। यह सुनकर दादी रोईं, फिर बोलीं कि तुम सच में अर्जुन हो। आज देश के लोग बचने चाहिए, ट्रॉफी तो फिर आ जाएगीं।’ अर्जुन के इस काम की पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की है। उन्होंने अर्जुन के ट्वीट पर रिट्वीट किया। पीएम मोदी ने लिखा, ‘देशवासियों की यही वह भावना है, जो कोरोना महामारी के समय सबसे बड़ा संबल है।’



अर्जुन इससे पहले भी पीएम केयर्स फंड में एक लाख रुपए दान कर चुके हैं। वे रुपए उन्होंने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान की जाने वाली शॉपिंग के लिए बचा कर रखे थे। अर्जुन की दादी भी कोरोनावायरस की जंग में आर्थिक मदद कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी एक साल की पेंशन दान की है। अर्जुन ने ही यह जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी। तब उन्होंने लिखा था, ‘दादी भावुक होकर बोलीं कि अर्जुन देश ने बहुत दिनों तक मदद की है।’ दादा जी सेना में थे और 2005 के बाद से दादी को ही उनकी पेंशन मिल रही है।

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