ताज़ा खबर
 

शार्दुल ठाकुर: मोटा कहकर चिढ़ाते थे लोग, कहते थे- इतनी दूर से आकर थोड़े ही कोई इंडिया के लिए खेलेगा

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने दक्षिण अफ्रीका से फ्लाइट से लौटने के बाद घर तक का सफर मुंबई की लोकल ट्रेन से किया। ट्रेन में शार्दुल ठाकुर को देख लोग हैरत में थे। कुछ लोगों उनके बारे में गूगल किया और फिर उनसे सेल्फी के लिए कहने लगे।

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद घर जाने के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन पकड़ी। (Expres Photo/Devendra Pandey)

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने दक्षिण अफ्रीका से फ्लाइट से लौटने के बाद घर तक का सफर मुंबई की लोकल ट्रेन से किया। ट्रेन में शार्दुल ठाकुर को देख लोग हैरत में थे। कुछ लोगों उनके बारे में गूगल किया और फिर उनसे सेल्फी के लिए कहने लगे। शार्दुल ठाकुर ने बताया एक वक्त था जब लोग उन्हें मोटा कहकर चिढ़ाते थे और वे कहते थे कि इतनी दूर से आकर थोड़े ही कोई इंडिया के लिए खेलेगा। 26 वर्षीय क्रिकेटर ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में बताया- ”मुंबई से पालघर जाते समय लोग अक्सर मुझसे पूछते थे कि मैं कब मुंबई और भारत के लिए खेलूंगा। कुछ लोग ताना मारते थे कि इतनी दूर से आकर थोड़े ही कोई इंडिया के लिए खेलेगा। यह टाइम पास करना बंद कर दो। लेकिन मुझे पता था कि मुझे क्या करना है। मैंने अपना जीवन क्रिकेट के लिए समर्पित कर दिया है और उसी समय मैंने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।”

टीम इंडिया का क्रिकेटर बनने के बाद भी लोकल ट्रेन का सफर करने और उनके बारे में लोगों की धारणा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा- ”वे कहते हैं कि जो लड़का हमारे साथ सफर किया करता था अब भारत के लिए खेलता है। इस बार मैंने साउथ अफ्रीका की फ्लाइट से आने के बाद अंधेरी में लोकल ट्रेन पकड़ी। बिजनेस क्लास से सीधे फर्स्ट क्लास। मैंने अपना हेडफोन चालू किया और बस जल्दी से घर पहुंचना चाहता था। लेकिन मैंने महसूस किया कि कंपार्टमेंट में लोग मेरी ओर देख रहे हैं और आश्चर्य कर रहे है कि मैं असली शार्दुल ठाकुर हूं कि नहीं। कुछ बच्चों आश्वस्त होने के लिए मेरी तस्वीर को गूगल कर पुष्टि की और फिर सेल्फी के लिए पूछा। मैंने उन सभी से पालघर पहुंचने तक इंतजार करने के लिए कहा।”

शार्दुल ठाकुर ने आगे कहा- ”कई लोग आश्चर्यचकित थे कि एक भारतीय क्रिकेटर उनके साथ सफर कर रहा था। कुछ पुराने सफर करने वालों मे याद किया कि कैसे वह वर्षों तक मुझे ट्रेन में सफर करते हुए देखते रहे हैं। लेकिन मेरे पैर जमीन पर ही हैं। मुझे कभी परोसी हुई थाली नहीं मिली और मैंने इसके लिए कठिन परिश्रम किया।” जब उनसे पूछा गया कि लोग उनके बारे में पहले जो सोचते थे क्या उन्हें आपने गलत साबित कर दिया? इस पर शार्दुल ने कहा- ”लोग मुझे अक्सर यह कहते हुए ताना मारा करते थे ‘अरे ये मोटा है।’ मैं फिर से जाता था और खूब मेहनत करता था। मैंने अगले सीजन में वरिष्ठ खिलाड़ियों के न रहते हुए विकेट झटकते हुए उन्हें गलत साबित कर दिया।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App