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‘इंडियन टीम से बाहर होने पर टेनिस बॉल से भी लगता था डर, फिर जूनियर खिलाड़ियों संग खेली क्रिकेट’, भारतीय विकेटकीपर का खुलासा

पार्थिव पटेल को 2001 में बॉर्डर-गावस्कर स्कॉलरशिप के लिए चुना गया था। वे 2002 अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम के कप्तान थे। इसके 6 महीने के बाद ही उन्हें टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया था। उन्होंने अपना पहला टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेला था।

पार्थिव पटेल ने टेस्ट में 62 कैच लिए और 10 स्टंप किए। (सोर्स – सोशल मीडिया)

भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल को सबसे अनलकी विकेटकीपर माना जाता है। उन्होंने 17 साल की उम्र में (2002) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद वे दो साल तक टेस्ट में टीम इंडिया के साथ रहे, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के आने के बाद उन्हें फिर 4 साल तक मौका नहीं मिला। 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर टेस्ट के बाद उन्हें टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था। पार्थिव ने बताया कि उस मैच के बाद उन्हें टेनिस बॉल से भी डर लगता था। वे फॉर्म में वापसी के लिए जूनियर खिलाड़ियों के साथ खेलने लगे थे।

पार्थिव ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी आकाश चोपड़ा से बातचीत करते हुए कहा कि वे शुरू में दबाव हैंडल नहीं कर पाते थे। पार्थिव ने कहा, ‘‘जब मैं टीम से बाहर हुआ था तो मैं डर गया था। मुझे कोई टेनिस बॉल भी सामने से फेंकता था तो मुझे डर लगता था कि मैं कैच पकड़ पाऊंगा या नहीं। बहुत सारे पूर्व खिलाड़ियों, प्रेस रिपोर्टरों ने मेरे बारे बहुत सी बातें लिखी थीं। मैं डर गया था। वो सारी चीजें मैंने पढ़ी भी थीं। सभी चीजें मेरे दिमाग में बैठ गई थी।’’

पार्थिव ने आगे कहा, ‘‘वहां से मैंने अंडर-16 के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया। मैंने ऐसा सिर्फ कॉन्फिडेंस वापस पाने के लिए किया था। मैं उनके साथ बल्लेबाजी करता था, विकेटकीपिंग करता था। मैं महसूस करना चाहता था कि वापस क्रिकेट खेल सकता हूं या नहीं। वहां से शुरुआत की। धीरे-धीरे सबकुछ पटरी पर लौटा। कुल मिलाकर इंडियन टीम से बाहर होने के बाद मैंने जीरो से शुरुआत की। वापस जब मजा आने लगा तो मैंने निर्णय लिया कि अपना अलग तरीका अपनाऊंगा। उसी से आगे डोमेस्टिक या इंटरनेशनल में खेलूंगा।’’

पार्थिव को 2001 में बॉर्डर-गावस्कर स्कॉलरशिप के लिए चुना गया था। वे 2002 अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम के कप्तान थे। इसके 6 महीने के बाद ही उन्हें टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया था। उन्होंने अपना पहला टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेला था। इस मैच की दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 19 रन बनाए थे। पार्थिव ने 25 टेस्ट में 934 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 62 कैच लिए और 10 स्टंप किए। टेस्ट में उनके नाम 6 अर्धशतक भी हैं। पार्थिव ने 38 वनडे में 736 और 2 टी20 में 36 रन बनाए हैं।

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