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एक पैर से ही बल्लेबाजों के छक्के छुड़ाता है पाकिस्तान का यह तेज गेंदबाज, शोएब अख्तर की तरह करना चाहता है बॉलिंग

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में एक लड़का रहता है। उसका नाम है सैयद शेर अली अफरीदी। 23 साल के इस खिलाड़ी का जैसा लंबा-चौड़ा नाम है, ठीक वैसा ही गेंदबाजी में कमाल का काम है। वह भी तब, जब उसके एक ही पैर है। सैयद फिलहाल पाकिस्तान की दिव्यांग क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं। भविष्य में वह पाकिस्तान के विश्वविख्यात पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर की तरह बॉलिंग करना चाहते हैं। वह रावलपिंडी एक्सप्रेस को अपना आदर्श मानते हैं।

सैयद शेर अली अफरीदी 23 साल के हैं। दो साल की उम्र में एक हादसे में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था। (फोटोः फेसबुक)

क्रिकेट में फिटनेस जरूरी है। शरीर चुस्त-दुरुस्त होना चाहिए, तभी आप अच्छा खेल सकेंगे। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर अक्सर यह राय कायम कर ली जाती है। लेकिन सोचिए, अगर कोई दिव्यांग होकर गेंदबाजी करे और अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों का पसीना छुड़ा दे तो? पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में एक लड़का रहता है, जिसका नाम है सैयद शेर अली अफरीदी। 23 साल के इस खिलाड़ी का जैसा लंबा-चौड़ा नाम है, ठीक वैसा ही गेंदबाजी में कमाल का काम है। वह भी तब, जब उसके सिर्फ एक पैर ही है। सैयद फिलहाल पाकिस्तान की दिव्यांग क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं। भविष्य में वह पाकिस्तान के विश्वविख्यात पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर की तरह बॉलिंग करना चाहते हैं और वह रावलपिंडी एक्सप्रेस को अपना आदर्श मानते हैं।

सैयद अपने क्रिकेट करियर का आगाज बल्लेबाज के तौर पर करना चाहते थे। लेकिन कुछ वक्त बाद उन्हें महसूस हुआ कि गेंदबाजी ही उनके लिए ठीक रहेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सैयद जब दो साल के थे, तब भीषण बारिश के चलते उनका घर ढह गया था। इसी हादसे के दौरान उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था। हालांकि, यह दुखद घटना उनके क्रिकेट के जुनून में बाधा नहीं बन सकी।

23 वर्षीय सैयद शेर अली अफरीदी पाकिस्तान की दिव्यांग क्रिकेट टीम में पेसर हैं। (फाइल फोटो)

सैयद ने क्रिकेट खेलना जारी रखा और समय के साथ इसमें माहिर होते गए। शोएब अख्तर को अपना आइडल मानते हुए वह ‘प्रो पाकिस्तानी’ से कहते हैं, “वह मेरे लिए प्रेरणा हैं। हीरो हैं। मैं उनको गजब के पेस के साथ दौड़ते और गेंदबाजी करते देखना पसंद करता हूं।” साल 2012 में सैयद को पाकिस्तान के दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन (पीडीसीए) के ट्रायल के बारे में पता लगा, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया और खुद को साबित किया।

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