इंग्लैंड के पोर्ट्समाउथ में मंगलवार आठ सितंबर 2026 की शाम उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब करीब 40 लोगों की भीड़ ने एक होटल को घेर लिया। यह भीड़ होटल में प्रवासियों को ठहराने को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थी। हालांकि, बाद में पता चला कि भीड़ जिसे प्रवासियों का जत्था समझ रही थी वे पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं। पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर है।
होटल के बाहर जुटी 40 लोगों की भीड़
रिफॉर्म पार्टी के काउंटी काउंसलर जॉर्ज मैडगविक ने बताया कि मंगलवार शाम को करीब 40 लोग कोसम के मैरियट होटल के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इन लोगों को सोशल मीडिया के जरिये यह सूचना मिली थी कि प्रवासियों का एक समूह बस से होटल पहुंचा है।
मैडगविक ने बाद में फेसबुक पर पोस्ट के जरिये लोगों से वहां नहीं आने की अपील की। उन्होंने बताया कि होटल के कर्मचारियों ने उन्हें इस बात का सबूत दिखाया कि होटल में ठहरी टीम पाकिस्तान की अंडर-19 राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है।
पुलिस को दी गई भीड़ की सूचना
हैम्पशायर पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 18:30 बजे से कुछ समय पहले होटल के बाहर लोगों के एकत्र होने की सूचना मिली थी। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों से बात की। ये लोग इलाके में देखी गई एक बस को लेकर अपनी चिंता जता रहे थे। प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने लोगों को समझाया कि उनकी चिंता सही नहीं है। इस मामले में किसी अपराध की पहचान नहीं हुई। करीब 30 लोगों की यह भीड़ रात 21:00 बजे से कुछ समय पहले वहां से चली गई।
पाकिस्तानी टीम के कोच ने खुद की बात
मैडगविक ने अपनी फेसबुक पोस्ट में बताया कि उन्होंने होटल के मैनेजर से बात की। मैनेजर ने उन्हें बताया कि वहां पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ठहरी हुई है। मैडगविक ने कहा कि टीम का कोच उनसे खुद मिलने आया। मैडगविक ने होटल की ओर से दिये गए सबूत भी देखे।
मैडगविक के हवाले से बीबीसी ने लिखा है कि ऑनलाइन किसी व्यक्ति ने बस से उतरते कुछ विदेशी लोगों की तस्वीर देखी और उसे ऑनलाइन पोस्ट कर दिया। इसके बाद मामले ने तूल पक़ड़ लिया। मैडगविक ने बताया कि यह केवल अनुमान था। इसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं था। मैडगविक ने माना कि इस मामले में एक बड़ी गलती हुई।
मैडगविक का नस्लभेदी प्रतिक्रिया से इनकार
फेसबुक पोस्ट पर हुई आलोचना और टिप्पणियों का जवाब देते हुए मैडगविक ने इस बात से इनकार किया कि क्रिकेट खिलाड़ियों के वहां पहुंचने पर हुई प्रतिक्रिया नस्लभेदी थी। मैडगविक ने कहा कि शायद एक व्यक्ति ने यह अनुमान लगाया और बाकी लोगों ने भी उसी अनुमान को मान लिया। उन्होंने कहा कि यह उनके शहर के लिए अच्छी बात नहीं है। वह नहीं चाहते कि उनका शहर ऐसी किसी घटना के लिए जाना जाए।
दो दिन पहले ही हुआ था विरोध प्रदर्शन
यह घटना उस प्रदर्शन के दो दिन बाद हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने शहर की सड़कों को रोक दिया था। यह प्रदर्शन तब हुआ था जब करीब 120 प्रवासियों को ले जा रही एक नाव को किनारे लाया गया था। पोर्ट्समाउथ नॉर्थ से लेबर सांसद अमांडा मार्टिन ने होटल के बाहर हुई घटना को बेहद चिंताजनक बताया।
अमांडा मार्टिन ने कहा कि गलत जानकारी के कारण शहर आए युवा क्रिकेटरों को गलत तरीके से निशाना बनाया गया। उन्हें शरणार्थी समझ लिया गया। होटल में काम करने वाले लोगों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जो गलत था। अमांडा मार्टिन ने कहा कि रविवार को पोर्ट्समाउथ पहुंचे लोगों को प्रक्रिया के लिए हैम्पशायर से बाहर ले जाया गया था। प्रवासन को लेकर चर्चा हो सकती है, लेकिन यह तथ्यों पर होनी चाहिए, गलत जानकारी या अफवाह पर नहीं।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की
जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान की अंडर-19 टीम के खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली है। बोर्ड इंग्लैंड दौरे के बाकी हिस्से के लिए सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रहा है। मैरियट होटल पोर्ट्समाउथ ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
Video: पासपोर्ट नहीं था, फोन भी बंद था, फिर टेस्ट के लिए आया बुलावा, पाकिस्तान के रजाउल्लाह ने डेब्यू पर झटका जो रूट का विकेट
पाकिस्तान के 21 वर्षीय तेज गेंदबाज रजाउल्लाह की टेस्ट डेब्यू कहानी बेहद दिलचस्प है। टीम में बुलावे के समय उनके पास पासपोर्ट नहीं था और फोन भी बंद था। उन्होंने डेब्यू पर 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर जो रूट को अपना पहला टेस्ट शिकार बनाया। (पूरी खबर पढ़ने और वीडियो देखने के लिए क्लिक करें)
