विनेश फोगाट दो साल के बाद मैट पर नजर आईं और उनकी कोशिश थी कि वो एशियन गेम्स 2026 के ट्रायल्स की बाधा पार करके इस इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करें, लेकिन उनका ये सपना पूरा नहीं हो पाया। ट्रायल्स के सेमीफाइनल में उन्हें मीनाक्षी गोयत ने 4-6 से हरा दिया। इस हार के बाद विनेश ने भारतीय कुश्ती महासंघ पर जमकर हमला बोला और यहां तक कह दिया कि वो लोग ये भी नहीं चाहते हैं कि मैं जिंदा रहूं।

WFI के लोग बजा रहे थे तालियां

विनेश फोगाट ने कहा कि मैं दो साल के बाद मैट पर उतरी और हार-जीत कोई मैटर नहीं करता क्योंकि बड़े-बड़े खिलाड़ियों को हार मिलती है। मेरे लिए हार-जीत मायने नहीं रखता, मुझे ये था कि एक फेयर चांस मिले, लेकिन फेयर तो नहीं मिला, लेकिन एक चांस मिला। बाउट के दौरान मेरा हाथ लॉक नहीं हो रखा था बल्कि ये बच्चियों को भी प्रेशर दिया जा रहा है। मेरी अंगुलियां बार-बार पकड़ रहे थे और इंटरनेशनल मैच में आप अंगुलियां नहीं पकड़ सकते। उन्हें कुछ नहीं बोला जा रहा था और हम कुछ बोल रहे थे तो कहा जा रहा था कि तुम ऐसे कैसे बोल रहे हो। आप देख रहे थे कि जब मेरे खिलाफ अंक बन रहे थे तो WFI के लोग तालियां बजा रहे थे।

हमने ब्रृज भूषण की पोल खोल दी, उसे नहीं हो रहा है ये हमज

जिस तरह के WFI के लोग तालियां बजा रहे थे उससे उनकी मानसिकता का पता चलता है। मैंने हमेशा सिस्टम के साथ नहीं बल्कि खुद से सबकुछ हासिल किया है। अगर सिस्टम साथ दे तो देश में अच्छे खिलाड़ियों की कमी नहीं है। जो ब्रृज भूषण है उसे ये थोड़े हजम हो रहा है कि हमने पूरे देश के सामने उसकी पोल खोल दी। वो मुझे ऐसे तो नहीं जीतने देगा, लेकिन मैं जिद्दी हूं और आज मैट पर हूं। मैंने जितना हो सकता था अपना बेस्ट दिया, लेकिन हार गई पर मैं और अच्छी ट्रेनिंग करूंगी और फिर से जीत कर दिखाऊंगी। मैं जब से मैट पर आई हूं मैंने किसी पार्टी के नाम का इस्तेमाल नहीं किया। मैं खेल को पूरी तरह से राजनीति से दूर रखती हूं।

संजय सिंह को दिग्गज मत बोलो

विनेश ने आगे कहा कि मैं सरकार से कहना चाहूंगी कि मैं 32 साल की हूं और दो-तीन साल और खेलूंगी, लेकिन जो छोटे-छोटे बच्चे हैं जिनका उत्पीड़न किया जा रहा है, उन्हें अपनी मर्जी से सांस भी नहीं लेने दिया जा रहा है उसकी तरफ सरकार को जरूर देखना चाहिए। प्रधानमंत्री की को भी इस पर ध्यान देना चाहिए और अगर वो चाहते हैं कि 2036 ओलंपिक हमारे देश में हो तो उन्हें ऐसे लोगों तो दूर फेंकना होगा। स्पोर्ट्स बॉडी में अच्छे लोगों को लाना होगा तभी हमारा देश अच्छा करेगा। आप संजय सिंह को दिग्गज मत बोलो, वो गुंडे लोग बैठे हैं। वो बेशर्म लोग हैं उन्होंने क्या एचीव किया है मुझे नहीं पता है, दिग्गज हम एथलीट हैं और हम उस मैच पर खड़े हैं। उन्हें हमारा सपोर्ट करना चाहिए ना कि हमारे विरुद्ध खड़े होकर किसी एक को टारगेट करना चाहिए कि वो कुछ एचीव नहीं कर पाए।

मैं जिंदा हूं उन्हें यही सहन नहीं होता

विनेश ने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में काफी कुछ हासिल किया है और अगर आगे नहीं भी करूंगी तो कोई मलाल नहीं है, लेकिन मैं ऐसे लोगों के दिखाना चाहती हूं कि हां, हम सिस्टम से आखिरी दम तक लड़ेंगे। अब एक नहीं हजारों विनेश आएंगी और मैं उन लड़कियों को हिम्मत देना चाहती हूं कि उन्हें लड़ना होगा। लड़ने के लिए कोई भगत सिंह नहीं आएगा बल्कि खुद ही भगत सिंह बनकर इस देश के लिए कुर्बानी देनी होगी। मैच के दौरान दवाब नहीं था बल्कि भटकाव ज्यादा था। मैं गोंडा में इसलिए खेलना चाहती थी कि मुझे पता लग सके कि मैं किस हद तक तैयार हूं और अगर कोई कमी है तो उसे दूर कर सकूं। फेडरेशन को लोगों के बारे में विनेश ने कहा कि मैं जिंदा हूं उनको तो यही सहन नहीं होता है। वो तो चाहते हैं कि विनेश जैसी जो एक-दो प्रोटेस्ट करते हैं वो मर जाएं। इन लोगों ने इतनी बेशर्मी फैला रखी है कि मैं जितना भी बोलूं कम पड़ जाती है।

विनेश फोगाट को सेमीफाइनल में मिली हार, मीनाक्षी से नहीं पा सकीं पार; टूट गया एशियस गेम्स में खेलने का सपना

एशियन गेम्स 2026 के ट्रायल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में विनेश फोगाट को 6-4 से हार मिली और इस हार के साथ ही उनका एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने का सपना टूट गया। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)