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डेविस कप टीम से निकाले गए सुमित नागल, नशे की वजह से प्रैक्टिस में नहीं ले पाए थे हिस्सा

पिछले साल जुलाई में हुए मुकाबले के दौरान 19 वर्षीय नागल अत्याधिक नशे के कारण सुबह के अभ्यास सत्र में भाग नहीं ले पाया था।

Author नई दिल्ली | January 17, 2017 7:40 PM
2015 में विंबलडन के जूनियर वर्ग का युगल खिताब जीतने वाले सुमित नागल। (पीटीआई फाइल फोटो)

सुमित नागल ने स्पेन के खिलाफ डेविस कप में अपने पदार्पण मैच में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी मुकाबले के लिये इस युवा खिलाड़ी को अनुशासनहीनता के कारण टीम से बाहर किया गया। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के सूत्रों ने यह जानकारी दी। पता चला है कि कोरिया के खिलाफ पिछले साल जुलाई में हुए मुकाबले के दौरान 19 वर्षीय नागल अत्याधिक नशे के कारण सुबह के अभ्यास सत्र में भाग नहीं ले पाया था। उस मुकाबले में वह रिजर्व खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़ा था। एआईटीए सूत्रों ने कहा, ‘हमें पता चला कि उसने होटल के अपने कमरे में मिनी बार की सारी शराब पी ली थी। वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है लेकिन जब आप केवल 19 साल के हो और आपको भारतीय टीम में मौका मिलता है और तब आप अभ्यास सत्र में नहीं आते हो तो यह स्वीकार्य नहीं है।’

यही नहीं 2015 में विंबलडन के जूनियर वर्ग का युगल खिताब जीतकर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने वाले नागल स्पेन के खिलाफ मुकाबले के दौरान बिना अनुमति के अपनी महिला मित्र को लेकर आ गये थे। सूत्रों ने दावा किया, ‘उसने अपनी महिला मित्र को दिल्ली लाने से पहले किसी को नहीं पूछा। जब वह होटल में पहुंचा तो उसके साथ लड़की थी। कप्तान आनंद अमृतराज ने तुरंत ही उससे उसे वापस भेजने के लिये कहा और उसने ऐसा किया।’ सूत्रों से पूछा गया कि जब यह मामला जुलाई मुकाबले के दौरान ही सामने आ गया था तो नागल को अब क्यों सजा दी गयी और सितंबर में उन्हें स्पेन के खिलाफ पदार्पण का मौका क्यों दिया गया, उन्होंने कहा, ‘तब क्या हुआ था इसको लेकर हम सुनिश्चित नहीं थे। जब उससे पूछा गया तो उसने आरोपों का खंडन किया। हमने उस पर विश्वास किया लेकिन चीजें बदतर होती गयी और कई नयी बातें सामने आयी जिसके बाद हमने कड़ा रवैया अपनाया।’

एआईटीए ने तीन से पांच फरवरी के बीच होने वाले एशिया ओसियाना ग्रुप ए मुकाबले के पांच सदस्यीय टीम का चयन किया है। अमूमन टीम में दो रिजर्व सहित छह खिलाड़ी हुआ करते थे। यही नहीं स्पेन के खिलाफ मुकाबले में नागल का पांचवां औपचारिक मैच ‘सांस की दिक्कत’ के कारण नहीं खेलने का फैसला भी एआईटीए को नागवार गुजरा। सूत्रों ने कहा, ‘उलट एकल में वह अपना मैच समाप्त नहीं करना चाहता था। वह लगातार कह रहा था कि वह रिटायर होना चाहता है क्योंकि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वह युवा खिलाड़ी है और यदि वह खेलने में सक्षम नहीं है तो फिर क्या टीम में उसके लिये जगह बनती है।’ एआईटीए के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इस घटना की पुष्टि की लेकिन कहा कि नागल के लिये पूरी तरह से दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘उसे अभी अस्थायी तौर पर बाहर किया गया है और निश्चित तौर पर उसने स्थायी रूप से अपना स्थान नहीं गंवाया है क्योंकि वह काफी युवा खिलाड़ी है और उसका अच्छा भविष्य है। वह कभी भी वापसी कर सकता है। लेकिन यदि आप सही तरह से व्यवहार नहीं करोगे, अगर आप अनुशासन में नहीं रहोगे तो आपको खुद में सुधार करना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘वह युवा है और उसने स्पेन के खिलाफ शानदार मैच खेला था। वह उस मैच (मार्क लोपेज के खिलाफ) को जीत सकता था। हमें इस बार उसकी कमी खलेगी।’ नागल ने इस मामले में टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। इस बारे में जब चयन समिति के अध्यक्ष एस पी मिश्रा से पूछा गया, उन्होंने केवल इतना कहा, ‘नागल प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। हमने उसमें जोश और जज्बा देखा है। उससे डेविस में भारत के लिये अच्छा प्रदर्शन की उम्मीद है।’

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