भारत के 40 वर्षीय एमएमए फाइटल संग्राम सिंह का अगला पड़ाव अर्जेंटीना होगा जहां वो 5 अप्रैल को फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो से भिड़ेंगे। मौटेऊ मोंटेइरो इस वक्त 23 साल के हैं और अपने से 17 साल छोटे इस युवा फाइटर से सामने संग्राम सिंह किस तरह से जीत हासिल करेंगे इसे देखना दिलचस्प होने वाला है। संग्राम सिंह पहली बार अर्जेंटीना में कोई फाइट करेंगे और इसे लेकर वहां काफी उत्साह है।

अर्जेंटीना में पहली बार फाइट करेंगे संग्राम सिंह

अर्जेंटीना के समुराई फाइट हाइस के अध्यक्ष मार्टिन पाकसियाज ने इस फाइट को लेकर उत्साह जाहिर किया और कहा कि अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे में रविवार, पांच अप्रैल को ये मुकाबला होगा। संग्राम सिंह इस दिन एमएमए के समुराई फाइट हाउस 28 (SFH 28) के मुख्य मुकाबले में उतरने वाले हैं। किसी भारतीय एमएमए फाइटर का अर्जेंटीना की धरती पर फाइट करने का यह पहला मौका होगा। उन्होंने आगे कहा कि संग्राम सिंह ने इससे पहले जॉर्जिया और नीदरलैंड के एम्सटर्डम में अपनी एमएमए की कला का जो जलवा दिखाया है उसे देखते हुए अर्जेंटीना के लोगों में गजब का उत्साह है।

संग्राम सिंह की फाइनल का अर्जेंटीना में बेताबी से इंतजार

मार्टिन पाकसियाज ने आगे कहा कि अर्जेंटीना के लोग ये जानने के लिए बेताब हैं कि जो पहले मिट्टी और गद्दे पर कुश्ती करते थे उन्होंने किस तरह से एमएमए फाइट में अपनी खास पहचान बनाई और 40 की उम्र में कोई फाइटर कैसे एमएमए में सफलता के झंडे गाड़ सकता है। संग्राम सिंह भारत में इस खेल के ब्रांड एम्बेसडर हैं और उनकी सफलता से भारत में भी इस खेल को अलग पहचान मिली है। अर्जेंटीना में संग्राम सिंह की मौजूदगी मील का पत्थर साबित होने वाली है।

हर फाइट के साथ बेहतर हो रहे हैं संग्राम सिंह

पूर्व प्रोफेशनल रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम सिंह ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानी जताई थी कि रेसलिंग और एमएमए अलग दुनिया हैं, लेकिन उन्हें विश्वास था कि मैट पर सीखा गया अनुशासन, फिटनेस और योद्धा के लिए जरूरी जुझारूपन के जरिए वो एमएमए के मंच पर भी खुद को साबित करने में सफल रहेंगे। संग्राम सिंह के मुताबिक वो अपने हर फाइट के साथ और बेहतर होते जा रहे हैं।

हर भारतीय को गर्व महसूस कराना है लक्ष्य

संग्राम सिंह ने आगे कहा कि नीदरलैंड और जॉर्जिया की फाइट ने उन्हें पहले से ज्यादा मैच्योर फाइटर बनाने में मदद की है और अब अर्जेंटीना उनके सफर का अगला पड़ाव है। उनकी कोशिश होगी कि वो वहां पर जीते और अर्जेंटीना में रहने वाले लोगों के बीच खास जगह बनाएं। अर्जेंटीना में एमएमए फाइट लड़ने वाले पहले भारतीय बनने पर संग्राम सिंह ने कहा कि समुराई फाइट हाउस दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फाइट लीग में से एक है, जहां दुनिया भर के फाइटर हिस्सा लेते हैं। अर्जेंटीना में एसएफएच 28 का हिस्सा बनना और दक्षिण अमेरिकी दर्शकों के सामने उतरना उनके लिए गर्व की बात है। यह अब तक का उनका सबसे बड़ा मंच है और वह हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहते हैं। उनका प्रोफेशनल रेसलिंग से एमएमए तक का सफर अब तक असाधारण रहा है।

विरोधी को मात देने के लिए पूरी तैयारी

एसएफएच 28 के लिए संग्राम अपने विश्वसनीय कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं, जिन्होंने उनके एमएमए गेम को नई गहराई दी है। टीम ने उनके ट्रांजिशन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी कंडीशंस में ढलने और फिटनेस पर विशेष काम किया है, जिससे वह एक एलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। संग्राम सिंह ने कहा कि प्रैक्टिस रिंग और जिम में कोच भूपेश सर के साथ बिताये हर पल ने उन्हें एक नए लेवल तक पहुंचाने का काम किया है। इससे उन्हें एमएमए की बारीकियों को और गहराई से समझने में मदद मिली है।

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