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भारतीय पुरुष हॉकी मिडफील्ड में वैरिएशन्स लाने पर है ध्यान: कोच ओल्टमैंस

मलेशिया में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के साथ शुरू होगा भारतीय टीम का नया सत्र। जिसमें उसका सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा।

Author बेंगलुरु | September 22, 2016 7:56 PM
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच रोलेंट ओल्टमेंस। (पीटीआई फाइल फोटो)

रियो ओलंपिक के बाद चार हफ्ते के आराम के बाद राष्ट्रीय शिविर के लिए पहुंची भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ध्यान नए सत्र पर लगा हुआ है जो मलेशिया में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के साथ शुरू होगा जिसमें उसका सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच और हाई परफॉरमेंस निदेशक रोलैंट ओल्टमैंस ने कहा, ‘टीम का माहौल बहुत अच्छा है और खिलाड़ी बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में मिली हार को पीछे छोड़ चुके हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक के बारे में उन्हें कड़वा अहसास नहीं है क्योंकि अब वे जानते हैं कि वे दुनिया की शीर्ष टीमों के साथ बराबरी पर हैं और उन्हें ओलंपिक में प्रदर्शन के लिए भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से हाकी प्रशंसकों द्वारा तारीफ मिलती है। हालांकि हम इस परिणाम से बहुत खुश नहीं थे।’

एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी और ऑस्ट्रेलिया टूर के लिए टीम चुनने के लिए चयन ट्रायल्स बेंगलुरु में शुक्रवार (23 सितंबर) को साई केंद्र में कराया जाएगा। टीम को कड़े फिटनेस परीक्षण से गुजारा जाएगा। कोच ने कहा, ‘सीनियर टीम का व्यस्त कार्यक्रम है, जिसे एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी और ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाना है, इसके बाद कोल इंडिया हॉकी इंडिया लीग है जबकि जूनियर टीम ऑस्ट्रेलियन हॉकी लीग, स्पेन फोर नेशन्स टूर्नामेंट और फिर दिसंबर में लखनऊ में उत्तर प्रदेश एफआईएच जूनियर पुरुष विश्व कप खेलेगी।’

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ओल्टमैंस ने कहा, ‘मार्च में ही हम संभावितों के मजबूत पूल बनाने पर ध्यान देंगे जिसमें कुछ जूनियर खिलाड़ी होंगे जो 2020 ओलंपिक और 2018 विश्व कप के संभावित खिलाड़ी हो सकते हैं।’ वह जूनियर टीम के साथ ऑस्ट्रेलियन हॉकी लीग के लिए जुड़ेंगे जो 29 सितंबर से शुरू होगी। उनकी अनुपस्थिति में शिविर की जिम्मेदारी हालैंड के साथी और रणनीतिक कोच रोजर वान जेंट करेंगे जिन्हें तुषार खांडेकर की मदद मिलेगी। ओल्टमैंस ने कहा, ‘इस महीने भर चलने वाले शिविर के दौरान ध्यान मिडफील्ड और फारवर्ड पंक्ति में वैरिएशंस लाने में होगा। निश्चित रूप से फिटनेस भी प्राथमिकता होगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले एक साल में दिखा दिया कि हम दुनिया की किसी अन्य शीर्ष टीम जितने ही अच्छे हैं लेकिन हमें निरंतरता लानी होगी और अपने पक्ष में परिणाम हासिल करने होंगे। यही अहम है और हमें इस पर काम करना होगा।’

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