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PWL 3 : आज साक्षी मलिक के खिलाफ उतरेगी जूस बेचने वाली की बेटी

रेशमा को यूपी की टीम में चोटिल गीता फोगट की जगह शामिल किया गया है। वो आज मुम्बई के खिलाफ 62 किलोग्राम भारवर्ग में खेलती नजर आएंगी। इसके साथ ही रेशमा प्रो रेसलिंग लीग में महाराष्ट्र की ओर से जुड़ने वाली पहली महिला पहलवान बन गई हैं।

Author January 13, 2018 5:31 PM
साक्षी मलिक। (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

किस्मत कब आप पर मेहरबान हो जाए कुछ कह नहीं सकते। कल तक कोल्हापुर में अपने पिता के गन्ने की जूस की दुकान पर हाथ बटाने वाली रेशमा माने आज प्रो रेसलिंग सीजन 3 में यूपी दंगल की ओर से खेलती नजर आएंगी। रेशमा को यूपी की टीम में चोटिल गीता फोगट की जगह शामिल किया गया है। वो आज मुम्बई के खिलाफ 62 किलोग्राम भारवर्ग में खेलती नजर आएंगी। इसके साथ ही रेशमा प्रो रेसलिंग लीग में महाराष्ट्र की ओर से जुड़ने वाली पहली महिला पहलवान बन गई हैं। प्रो रेसलिंग लीग 3 में आज यूपी की टीम मुम्बई मराठा की टीम से भिड़ने जा रही हैं। ऐसे में आज 62 किलोग्राम भारवर्ग में रेशमा का मुकाबला रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक से होगा जो कि मुम्बई महारथी की आईकन स्टार हैं। पिछले साल नैशनल चैम्पियनशिप में साक्षी के खिलाफ रेशमा मैट पर उतर चुकी हैं लेकिन वहां रेशमा को हार का सामना करना पड़ा था।

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sakshi साक्षी मलिक। (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

हालांकि 2016 की नैशनल चैम्पियनशिप में वो सीनियर और जूनियर स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं। इसके अलावा वो कई बार विदेशों में अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेल चुकी हैं। साथ 2014 यूथ ओलिंपिक में भी रेशमा ने भाग लिया था। 20 साल की रेशमा का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापूर जिले के वेडांगे गांव में हुआ। जूनियर स्तर पर अपने खेल से सबका दिल जीतने वाली रेशमा जल्दी ही अपने राज्य में मशहूर होने लगी लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें वो स्तर नहीं मिल पाया जिसकी वो हकदार हैं।

पिता अनिल माने आज भी वेडांगे में गन्ने का जूस बेचते हैं और बड़ी मुश्किल से पांच बच्चों वाले परिवार का खर्चा पानी चलाते हैं। हालांकि राज्य सरकार की मदद से पिता ने घर के पास ही आखाड़ा खोल रखा है जिसमें रेशमा के दोनों सगे भाई और उसके चाचा के दो बच्चे भी अभ्यास करते हैं। रेशमा इस समय अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रही हैं। वो कोल्हापूर के न्यू कॉलेज से ग्रेजुएशन सेकेंड ईयर की स्टूडेंट भी हैं। रेशमा ने भी अपने पिता को कभी निराश नहीं किया। उन्होंने अपने कोच विश्वास हरावले की देखरेख में कुश्ती की बारीकियां सीख रही हैं।

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